Section 35 Of Patent Act | Secrecy direction | FFL | Patent Agent Exam | Patent Act 1970
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तो बताओ मुझे क्या होते हैं सीक्रेसी डायरेक्शंस रजनीश बताएगा रजनीश ने अच्छे से पढ़ा था हेलो हां हां बोलो भाई हां काफी टाइम हो गया राघव बट कोई ऐसे हां ऊपर ऊपर से बताता हूं मैं हां जब हम कोई ऐसा पेटेंट जैसे बना देते हैं और उसको फाइल करते हैं हम तो गवर्नमेंट को गवर्नमेंट जो गवर्नमेंट डिफेंस वगैरह से बना देते हैं तो गवर्नमेंट उस पर मतलब पब्लिकेशन नहीं होने देता है। उस पे सेक्रेसी डायरेक्शन लगा देता है। ठीक है? वेरी गुड। तो क्या बोल रहा है कि सिक्रेसी डायरेक्शंस रिलेटिंग टू इन्वेंशंस रेलेवेंट फॉर डिफेंस पर्पस। तो उसने यह बता दिया कि सिक्रेसी डायरेक्शन लगेगा डिफेंस वाली एप्लीकेशनेशंस पे ही। ठीक है? क्या कह रहा है? वेयर इन रिस्पेक्ट ऑफ एन एप्लीकेशन मेड बिफोर और आफ्टर द कमेंसमेंट ऑफ दिस एक्ट फॉर अ पेटेंट। ठीक है? जब भी यह एक्ट बना है, इस एक्ट से पहले अगर आपने कोई इन्वेंशन बनाई है या बाद में बनाई है, इट अपीयरर्स टू द कंट्रोलर दैट द इन्वेंशन इज़ वन ऑफ़ अ क्लास नोटिफाइड टू हिम बाय द सेंट्रल गवर्नमेंट ऐज़ रेलेवेंट फॉर डिफेंस पर्पस। और वेयर अदरवाइज़ द इन्वेंशन अपीयर्स टू हिम टू बी सो रेलेवेंट ही मे गिव डायरेक्शंस फॉर प्रोहिबिटिंग रेस्ट्रिक्टिंग द पब्लिकेशन ऑफ़ इनफेशन विद रिस्पेक्ट टू द इन्वेंशन अदर ठीक है। अच्छा मुझे बताओ कौन से सेक्शन में सेकंड बैच वाले बंदे बताएंगे सारे। कौन से सेक्शन में हमने यह सीक्रेसी डायरेक्शन वर्ड सुना था पहली बार आप लोगों ने? 118 वेरी गुड क्या बात है तुम लोग तो यार कहते हो सेक्शन वगैरह याद करना मुश्किल है याद तो सब कर रखे हैं ठीक है तो हमने से पहले ही बोल दिया [हंसी] ठीक है अनम्यूट जब तक करो तभी बोल दिया तेज है वो तो पब्लिकेशन हमने पढ़ा था 11 ए में और हमने यह भी वहां पे ये जान लिया था कि पब्लिकेशन इन इन का नहीं होगा। ठीक है? एक्सेप्शन टू पब्लिकेशन में हमने पढ़ा था कि सिक्रेसी डायरेक्शन लगा हुआ है तो नहीं होगा। और सिक्रेसी डायरेक्शन वर्ड हमने सबसे पहले तभी सुना था। तो सिक्रेसी डायरेक्शंस रिलेटिंग टू इन्वेंशन रिलेवेंट फॉर डिफेंस पर्पज में वो यही बता रहा है कि जब भी कोई ऐसी एप्लीकेशन जो भी कंट्रोलर को दिख रहा है कि यह इन्वेंशन गवर्नमेंट ने नोटिफाई कर रखा है कि भाई अगर कोई भी ड्रोन से रिलेटेड इन्वेंशन आए, मिसाइल से रिलेटेड इन्वेंशन आए या मतलब डिफेंस में तो बहुत सारे इक्विपमेंट्स हैं। लाइक जैसे कि वह जो प्रोटेक्शन किट पहनते हैं हमारे आर्मी ऑफिसर्स उससे रिलेटेड कोई इन्वेंशन आए। ठीक है? शील्ड पहनते हैं एक आगे लाइक चेस्ट पे। उससे रिलेटेड कोई भी इन्वेंशन है। एनी इन्वेंशन फॉर द डिफेंस पर्पस अगर गवर्नमेंट ने नोटिफाई कर रखा है। गवर्नमेंट एक क्लास बना रखा है गवर्नमेंट ने जिसमें नोटिफाई कर दिया है उसने कि ये ये इन्वेंशंस डिफेंस पर्पज के लिए जाएंगी। ठीक है? क्या क्या लिखा है यहां पे? इज़ वन ऑफ़ अ क्लास नोटिफाइड टू हिम बाय द सेंट्रल गवर्नमेंट। ठीक है? तो गवर्नमेंट ने बताया कि ये ये इन्वेंशंस हैं जो कि डिफेंस पर्पज के लिए जाते हैं। अच्छा अगर उस क्लास का कोई इन्वेंशन है तो कंट्रोलर रोक देगा या फिर लिखा है और वेयर अदरवाइज द इन्वेंशन अपीयरर्स टू हिम टू बी सो रेलेवेंट। मतलब या फिर कंट्रोलर को खुद से ही ऐसा लग रहा है कि यह इन्वेंशन रेलेवेंट है डिफेंस पर्पज के लिए। तो वह डायरेक्शन दे देगा फॉर प्रोहिबिटिंग और रिस्ट्रिक्टिंग द पब्लिकेशन ऑफ इंफॉर्मेशन विद रिस्पेक्ट टू द इन्वेंशन। मींस 18 मंथ्स के अंदर जो भी पब्लिकेशन होता है वो अब इस रिलेटेड इन्वेंशन से नहीं होगा। गॉट इट? सो दिस वाज़ सीक्रेसी डायरेक्शन। आपको याद क्या रखना है कि या तो गवर्नमेंट नोटिफाइड हो वो इन्वेंशन या फिर कंट्रोलर को खुद से ही लग रहा है कि ये इन्वेंशन रिलेट हो सकता है किसी मिसाइल सिस्टम से किसी मतलब कम्युनिकेशन डिवाइसेस से भी रिलेटेड हो सकता है। तो जब डिफेंस ये ऐसा क्वेश्चन आए और उसमें ऐसा कोई एग्जांपल वो पूछे एग्जाम में तो थोड़ा दिमाग ब्रॉड रखना। ठीक है? कोई एनक्रिप्टेड कम्युनिकेशन डिवाइस भी हो सकती है जिससे हमारे आर्मी ऑफिसर्स बात करते हैं। तो वह भी डिफेंस पर्पस में ही जाएगा। ओके। फिर क्या है? अच्छा। ठीक है? तो कंट्रोलर क्या-क्या चीज दो करेगा? एक तो उसका पब्लिकेशन रोक देगा और कम्युनिकेशन भी रोक देगा। उस इन अब पेटेंट ऑफिस के अंदर बहुत सारे हिरारकी है। पेटेंट एग्जामिनर्स हैं। असिस्टेंट पेटेंट कंट्रोलर है। फिर हेड कंट्रोलर है। तो जो हेड कंट्रोलर है वो उस इन्वेंशन से रिलेटेड कोई भी चीज कम्युनिकेट भी नहीं करेगा। उससे रिलेटेड इंफॉर्मेशन भी कम्युनिकेट नहीं करेगा। ठीक है? पब्लिकेशन तो रोकेगा ही रोकेगा। उसका कम्युनिकेशन भी रोक देगा किसी से भी। ठीक है? और यह अप्लाई हो रहा है तब भी जब यह एक्ट बना था इससे पहले की भी अगर वैसे तो अब इस टाइम पे तो बहुत ही बेकार सी बात है यह मान लो यह एक्ट 1970 में बना था तो इन्होंने यह बात क्यों लिखी है यहां पे और 1970 में यह एक्ट बना 1972 से इंप्लीमेंट हुआ और मान लो किसी ने किसी की एप्लीकेशन 1969 की हो इस एक्ट से बनने से पहले की इन्वेंशन हो तब भी यह लागू होगा। ठीक है? तो इसलिए लिखा है मेड बिफोर और आफ्टर द कमेंसमेंट ऑफ दिस एक्ट। फिर क्या है? सेक्शन एक बार दोबारा बताना प्लीज। कौन सी बात? ये आफ्टर बिफोर वाली हम हम जस्ट सिंपल थिंग्स कि 1970 में ये एक्ट बना। अब वो बोल रहा है कि जब भी यह एक्ट कमेंस हुआ। कब हुआ था कमेंस? बताओ। मैं आपको ले जाता हूं। चैप्टर वन पे देखो क्या है पहले चैप्टर का पहला सेक्शन शॉर्ट टाइटल एक्सटेंट एंड कमेंसमेंट ठीक है इट शैल कम इनू फोर्स ऑन सच डेट एज द सेंट्रल गवर्नमेंट मे बाय नोटिफिकेशन इन द ऑफिशियल गैजेट अपॉइंट तो यह 1970 में बन गया था और स्टार्ट हुआ था 1972 समथिंग से कमेंस हुआ था। ठीक है? याद है ना सबको यह बात? तो वह यह कह रहा है नीरज कि अगर इस एक्ट के बनने से पहले भी किसी ने कोई ऐसी इन्वेंशन फाइल की है। मान लो 1970 में ये एक्ट बन गया और किसी ने 1969 में कोई इन्वेंशन फाइल की थी व्हिच इज़ रिलेटेड टू सी सिक्रेसी डायरेक्शन। तो उस इन्वेंशन पे भी यही रूल अप्लाई होगा कि उसका पब्लिकेशन रोक दिया जाएगा। ठीक है? इसके एक्ट के बाद हुआ है तो तो ऑब्वियसली लगेगा ही। ठीक है? तो यह एक्ट के बनने से पहले वाले इन्वेंशंस पे भी अप्लाई होता है। ठीक है? अच्छा। फिर 352 में वह गवर्नमेंट से कंसल्टेशन की बात कर रहा है कि वेयर द कंट्रोलर गिव्स एनी सच डायरेक्शन एज अ रेफर्ड टू इन सब सेक्शन वन ही शैल गिव नोटिस ऑफ द एप्लीकेशन एंड वन ऑफ द डायरेक्शंस टू द सेंट्रल गवर्नमेंट एंड द सेंट्रल गवर्नमेंट शैल अपॉन रिसीप्ट ऑफ सच नोटिस ठीक है ब्ल ब्ल ब्ल बहुत सारी चीजें लिखी हुई हैं जिसमें क्या है कि अगर कंट्रोलर ने ऐसा एक डायरेक्शन अच्छा यह डायरेक्शन इशू कौन करेगा सिक्रेसी डायरेक्शन इशू करेगा कंट्रोलर ठीक है ऐसा नहीं गवर्नमेंट इशू नहीं करती तो कंट्रोलर इशू कर रहा है सेंट्रल यह सिक्योरेसी डायरेक्शन तो वह क्या करेगा वह गवर्नमेंट को नोटिफाई कर देगा गवर्नमेंट को बता देगा ठीक है कि भाई मैंने इस इस इन्वेंशन पे सिक्योरेसी डायरेक्शन लगा दिया है फिर गवर्नमेंट क्या करेगी कि गवर्नमेंट कंसीडर करेगी कि या क्या यह जो पब्लिकेशन है क्या यह इंडिया के डिफेंस सिस्टम को हार्म कर सकता है अगर मैंने ऐसे इन्वेंशन को पब्लिश कर दिया तो क्या पड़ोसी दुश्मन देशों को पता चल जाएगा कि भाई इंडिया वाले ऐसा कुछ डिफेंस में बना रहे हैं? तो अगर उसको ऐसा लगता है कि भाई ऐसा है तो वो सिक्रेसी डायरेक्शन रहेगा। लेकिन अगर गवर्नमेंट को ऐसा लगता है कि नहीं यह इन्वेंशन में ज्यादा दम नहीं है। बहुत ही बेसिक सा इन्वेंशन है। इससे हमारे डिफेंस सिस्टम को कोई भी नुकसान नहीं पहुंचेगा। तो गवर्नमेंट कंट्रोलर को बता देगी कि भाई सिक्रेसी डायरेक्शन को रिवोक कर दो और एपेंट को इनफॉर्म कर दो कि आपके इन्वेंशन से सिक्रेसी डायरेक्शन हट चुका है। ठीक है? कहानी समझते जाओ। सिक्रेसी डायरेक्शन लगा दिया कंट्रोलर ने। दो तरीके से लगाता है। या तो गवर्नमेंट ने बताया है कि यह यह इस क्लास का इन्वेंशन है तो लगा देना या कंट्रोलर को खुद ही लग रहा है। ज्यादा तेज बन रहा है। उसको लग रहा है कि भाई मेरे को इसमें सिक्रेसी डायरेक्शन लगाना है। फिर वो जाता है गवर्नमेंट के पास कि देखो देखो मैंने इस इन्वेंशन पे सिक्रेसी डायरेक्शन लगा दिया। फिर गवर्नमेंट कहती है ठीक है तुमने सिक्रेसी डायरेक्शन लगा दिया। अच्छा काम किया। बट यह इन्वेंशन में सिक्रेसी डायरेक्शन लगाने जैसा कुछ भी नहीं है। तो प्लीज इसका सिक्रेसी डायरेक्शन रिवोक कर दो। या फिर गवर्नमेंट यह कह सकती है कि वाह बहुत बढ़िया काम किया। यह तो सिक्योरिटी डायरेक्शन लगाने लायक इन्वेंशन था और इस पर सिक्रेसी डायरेक्शन लगा रहेगा जब तक मैं नहीं बोलूंगा हटाने के लिए। ठीक है? तो यहां पे गवर्नमेंट से क्या मतलब है? गवर्नमेंट के ऑफिशियल्स। ओके? तो तो गवर्नमेंट और कंट्रोलर दोनों इसे इशू कर सकते हैं। इशू डायरेक्शन इशू सिर्फ कंट्रोलर ही करेगा। गवर्नमेंट विल हेल्प कि करना है या नहीं करना है। मतलब उसको डायरेक्शन देगा बट दैट विल बी डन बाय द कंट्रोलर ओनली। मतलब कंट्रोलर को करना है बट गवर्नमेंट की मर्जी से ही वह कर सकता है। सिंपल सी यह बात है। ठीक है? तो क्या कह रहा है यहां पे कि कंट्रोलर अलोन कैन नॉट परमानेंटली ब्लॉक द डिस्क्लोज़र। ठीक है? मतलब उसकी खुद की मर्जी नहीं चलेगी। ठीक है? अगर गवर्नमेंट को लग रहा है कि भाई यह चीज जरूरी है तो वह लगा देगी। अगर गवर्नमेंट को नहीं लग रहा है तो वह कंट्रोलर से बोलेगी। मतलब कंट्रोलर इज़ द पर्सन हु इज़ अप्लाइंग और रिवोकिंग द सीक्रेसी डायरेक्शन ऑन द डायरेक्शंस ऑफ द गवर्नमेंट। ओके। मतलब ऐसे कोई डिजाइन है मान लो डिफेंस से रिलेटेड और पहली नजर में लग रहा है कि भाई यह तो बहुत ही सेंसिटिव है। दुनिया को नहीं पता चलना चाहिए। कंट्रोलर ने लगा दिया सिक्रेसी डायरेक्शन। लेकिन मिनिस्ट्री ऑफ़ डिफेंस से जब पूछा गया तो उनको लगा कि नहीं यार दिस इज़ वेरी बेसिक। इट कैन बी पब्लिश्ड। प्लीज डोंट अप्लाई द सिक्रेसी डायरेक्शन। फिर कंट्रोलर उनकी बात मानेगा और उनको बोल के कंट्रोलर हटा देगा सिक्रेसी डायरेक्शन। ठीक है। अच्छा फिर एक इंपॉर्टेंट क्लॉज़ यहां पे क्या आता है कि सेंट्रल ग जैसे कोई भी इन्वेंशन है और उस उस पे नजर नहीं पड़ी। लाइक कंट्रोलर की भी नजर नहीं पड़ी। ठीक है? और सेंट्रल गवर्नमेंट को पता चल रहा है कि एक ऐसा इन्वेंशन फाइल होने वाला है या एक ऐसा इन्वेंशन है जो कि बन रहा है मतलब डीआरडीओ में बन रहा है कहीं पे भी बन रहा है तो सेंट्रल गवर्नमेंट कंट्रोलर से रिक्वेस्ट करती है कि ऐसा-सा एक इन्वेंशन है और उस इन्वेंशन को आप मतलब डिफेंस पर्पज से रिलेटेड है ग्रांट से पहले आप उस पे सीक्रेसी डायरेक्शन लगाएंगे। मतलब अगर कंट्रोलर से भी वह मिस हो गया है, गवर्नमेंट नोटिफाइड क्लास में भी नहीं है, तो गवर्नमेंट कंट्रोलर से मतलब यह नोटिफाई कर देगी कि ऐसा-सा एक इन्वेंशन है। वो रेलेवेंट बहुत जरूरी है। उस पे तुम सिक्रेसी डायरेक्शन लगा दो। ठीक है? तो ये तीन क्लॉज़ हैं रिलेटिंग टू इन्वेंशंस फॉर डिफेंस पर्पज़। ठीक है? मींस सेंट्रल गवर्नमेंट प्रोएक्टिवली एक्ट कर सकती है। कंट्रोलर ने सीक्रेसी डायरेक्शन नहीं लगाया तब भी वह कंट्रोलर को बोलेगी कि इस पे सीक्रेसी डायरेक्शन लगाना जरूरी है। फिर कंट्रोलर उस पे भी लगा देगा। हम सीक्रेसी डायरेक्शन पब्लिश होने के बाद ही लगेगी ना। तो उन्हें नहीं नहीं नहीं सर पब्लिश होने के बाद सीक्रेसी डायरेक्शन लगने का तो फिर कोई मतलब ही नहीं बचा। तो सबको पता लग जाएगा। को पता लगी एक बार जैसे ही जनरल में आया फिर तो भाई सब डाउनलोड कर लेंगे फिर लगाते रहो सीक्रेसी डायरेक्शन देखो गवर्नमेंट कब करेगी आपने अच्छा क्वेश्चन पूछा है कि गवर्नमेंट कब कंट्रोलर को जैसे मान लो अगर डीआरडीओ में कोई इन्वेंशन बन रहा है ठीक है गवर्नमेंट के ऑफिसिसेस में गवर्नमेंट के जो भी डिफेंस मिनिस्ट्री है वहां पे कोई इन्वेंशन हो रहा है तो गवर्नमेंट कंट्रोलर को बता देगी कि ऐसा इन्वेंशन है और हम पहले ही कंट्रोलर को बता बता रहे हैं। मतलब हम इन द सेंस गवर्नमेंट पहले ही प्रोएक्टिवली ही कंट्रोलर को बता दे रही है कि यह इन्वेंशन फाइल होने वाला है। इस पे सिक्रेसी डायरेक्शन तुम्हें लगाना ही लगाना है। ठीक है? चलो यह तो डीआरडीओ की बात हो गई। लेकिन अगर नॉर्मल मतलब कोई डिफेंस से रिलेटेड पेटेंट बना रहा है तब फिर उस कंडीशन में बताओ। उस कंडीशन में तो अह लाइक फिर तो कुछ नहीं हो सकता अगर वह पब्लिश हो गया है। कंट्रोलर को ही प्रोएक्टिवली देखना पड़ेगा। या और उसको क्लास भी देखनी पड़ेगी। अगर कंट्रोलर से भी मिस हो गया, गवर्नमेंट ने भी उसको नोटिफाई नहीं किया है, देन इट इज पब्लिश्ड। नथिंग कैन बी डन। क्योंकि सिक्रेसी डायरेक्शन कब लगता है? सिक्रेसी डायरेक्शन लगता है पब्लिकेशन से पहले। अगर पब्लिक हो गया है, देन देयर इज़ नो यूज़ ऑफ़ सिक्रेसी डायरेक्शन। सीक्रेसी का मतलब ही वही है। सीक्रेट रखना है। पब्लिकेशन मींस इज नो सीक्रेट। ओके है ना सर? ओके राघव। ठीक है। समझ में आया सीरेसी डायरेक्शन सबको समझ में आ गया। अच्छा आप यह कह रहे हो कि अगर वह चीज पब्लिश हो गई है फिर क्या होगा? यही कह रहे हो ना आप? हां हां हां पब्लिश हो गई है और लग रहा है कि हमें वोेड है तो देखो पब्लिश तो हो गई है बट इस केस में क्या लिखा हुआ है कि अगर वो पब्लिश हो गई और ग्रांट नहीं हुई है तो ग्रांट से पहले भी लाइक अब पब्लिश तो हो गई अब उसके आगे की जो उसकी प्रोसेसिंग है लाइक एग्जामिनेशन है वो सारा चीज उसका रोक दिया जाएगा पब्लिश तो हो गई है सीक्रेसी डायरेक्शन अब लगाने का कोई मतलब नहीं है बट अगर अगर वो ग्रांट नहीं हुआ है इन्वेंशन तो उसकी आगे की जो प्रोसेसिंग है प्रीग्रंट ऑोजिशन, पोस्ट ग्रांट ऑोजिशन वो सारे प्रोसेससेस अब रोक दिए जाएंगे। ठीक है? ओके। अब हम पढ़ेंगे सेक्शन नंबर 36। सिक्रेसी डायरेक्शन टू बी पीरियडिकली रिव्यूड। ठीक है? तो सिक्रेसी डायरेक्शन तो लगा दिया बट सीक्रेसी डायरेक्शन लगाने के बाद अब उसको रिव्यू भी तो करना पड़ेगा, रिकंसीडर भी तो करना पड़ेगा। रिकंसीडर क्यों करना पड़ेगा? बताओ जैसे कि एक इन्वेंशन पे सिक्रेसी डायरेक्शन लग गया है। अब मान लो कि 3 महीने के बाद वही सेम इन्वेंशन यूएस में पब्लिश हो गई। ठीक है? मतलब उससे रिलेटेड इन्वेंशन। ठीक है? या फिर किसी और कंट्री में पब्लिश हो गई। ठीक है? मान लो कोई इंडियन इन्वेंटर है। उसने एक रडार सिस्टम बनाया है और कंट्रोलर ने उस पर सीक्रेसी डायरेक्शन लगा दिए। फिर 1 साल के बाद डिफेंस मिनिस्ट्री को यह लगता है कि भाई अब इस इन्वेंशन में सिक्रेसी जैसा कुछ नहीं रहा। इसमें छुपाने जैसा कुछ भी नहीं रहा। बहुत सारी कंट्रीज सिमिलर टाइप के पेटेंट्स फाइल कर रही हैं। और यह टेक्नोलॉजी अब बहुत ही कॉमन हो चुकी है। नीरज यू वा से समथिंग यू हैव रे हैंड। [संगीत] हां रजनीश हां हां हां हां आवाज नहीं आ क्या ओके हेलो अभी आवाज आ रही है मेरी? हम हेलो आवाज आ रही है मेरी हां राघव आवाज तो आ रही है हमारी जा रही है हां हुआ क्या था मतलब मैं समझ नहीं पाया आप लोग की आवाज मुझे नहीं सुनाई पड़ रही थी ऐसा कुछ हुआ था क्या हां सब लोग थे हां ओके तो सब कुछ पूछ रहे हां राघव मेरा क्वेश्चन था जब तुमने वो बताया कि पब्लिकेशन के बाद में मतलब ग्रांट से पहले तो मेरा ग्रांट होगा नहीं होगा आपकी आवाज ब्रेक हो रही है सर हेलो ग्रांट होगा या नहीं होगा ये पूछ रहे हैं आप हां हां फिर उसे होगा कि नहीं जब उसे रोक दिया गया तो फिर या हां ग्रांट नहीं होगा फिर सारी प्रोसेसिंग रुक जाएगी ग्रांट तक के लिए उसको रेडी कर लिया जाएगा बट ग्रांट नहीं हो सकता जब तक सीक्रेसी डायरेक्शन नहीं हटेगा तब तक ग्रांट नहीं हो सकता आवाज आ रही है सर? हां हां आ रही है। मतलब जैसे कि लेकिन लेकिन मेरे को एक बात नहीं सकते और फिर दे रहे हैं। तो फिर इसका मतलब पर्पस क्या है? फिर से आपकी आवाज ब्रेक हो गई। क्या बोल रहे हैं? इसका पर्पस क्या है? मतलब ग्रांट भी नहीं करने दे रहे हैं और पब्लिश भी नहीं करने दे रहे हैं। हां पब्लिश भी नहीं करने दे रहे हैं। इसलिए वो यूज़ भी नहीं कर सकते क्योंकि ऑलरेडी पब्लिश हो चुका है वो। हां हां देखो ग्रांट इसलिए नहीं होने दे रहे हैं क्योंकि अगर ग्रांट हो जाएगा तो आपको राइट्स मिल जाएंगे। फिर आप अपने मन मुताबिक उस डिफेंस के इन्वेंशन का यूज करोगे। ठीक है? तो मकसद यह है कि अगर डिफेंस से रिलेटेड इन्वेंशन है तो गवर्नमेंट उसको आपसे खरीद सकती है। गवर्नमेंट उसको आपसे लाइसेंस करवा सकती है। अगर ग्रांट हो गया तो आपको पूरे राइट्स मिल जाएंगे। तो ग्रांट इसलिए नहीं होने दे रहे हैं जब तक उनको यह कंफर्म नहीं हो जा रहा है कि यह इन्वेंशन हमारे काम का है या नहीं है। हम इसको आगे यूज कर पाएंगे या नहीं? आगे हम पढ़ेंगे कि गवर्नमेंट भी हमारे इन्वेंशंस को यूज करती है। ठीक है? गवर्नमेंट हमसे हमारा इन्वेंशन खरीद सकती है। अगर गवर्नमेंट चाहती है कि यह इन्वेंशन मुझे चाहिए तो गवर्नमेंट आपको प्रॉपर कंपनसेशन पे करेगी और वह आपसे आपका इन्वेंशन खरीद सकती है। आप मना नहीं कर सकते। ठीक है? तो इस वजह से वह ग्रांट नहीं होने देते और ग्रांट जो है वह पीरियडिकली रिव्यू होगी। अभी हम रूल्स में यह चीज पढ़ेंगे कि वो चीज टाइम टू टाइम वो लोग रिव्यू करते हैं कि हां अब ग्रांट कर सकते हैं या नहीं कर सकते। क्योंकि आपने कुछ ऐसा बनाया जो कंट्री के डिफेंस के लिए इंपॉर्टेंट है। तो अब आपके इन्वेंशन को वो खुला नहीं छोड़ देंगे कि पता चले आप किसी पाकिस्तानी बंदे को लाइसेंस कर दो। ठीक है? इस वजह से वह आपको ग्रांट के लिए रोकते हैं। गॉट इट? ओके। ओके राघव गॉट इट अच्छा फिर क्या बोल रहा है सिक्रेसी डायरेक्शंस टू बी रिव्यूड पीरियडिकली सीक्रेसी डायरेक्शन टू बी रिव्यूड पीरियडिकली मतलब वही बात है कि अगर आपका इन्वेंशन ऐसा है कि भाई उस पे सीक्रेसी डायरेक्शन लगा विज़िबल नहीं हो रही ओके रिजॉइन की वजह से अभी फाइन है हम ठीक है हां अभी तो सीक्रेसी डायरेक्शन टू बी रिव्यूड पीरियडिकली। द क्वेश्चन वेदर एन इन्वेंशन इन रिस्पेक्ट ऑफ़ व्हिच डायरेक्शंस हैव बीन गिवेन अंडर सेक्शन 35 कंटिन्यूस टू बी रेलेवेंट फॉर डिफेंस पर्पस शैल बी रिकंसीडर्ड बाय द सेंट्रल गवर्नमेंट एट इंटरवल ऑफ़ सिक्स मंथ्स। अब मुझे ये बताओ ये सिक्रेसी डायरेक्शन लगवाए किसने थे? किसको पड़ी थी सिक्रेसी डायरेक्शन लगवाने की? सेंट्रल गवर्नमेंट को। क्योंकि डिफेंस से रिलेटेड इन्वेंशन था। गवर्नमेंट ने। गवर्नमेंट ने लगवाए थे। तो गवर्नमेंट हर छ महीने पे उस सीक्रेसी डायरेक्शन को रिव्यू करती है। रिव्यू क्यों करती है? वो यह देखती है कि भाई क्या सीक्रेसी डायरेक्शन अब हटा दें? क्या अब इस इस इन्वेंशन के बारे में सबको पता चल चुका है। अगर उसको लग रहा है कि भाई अब यह इसमें कुछ छुपाने वाली बात तो रह ही नहीं गई। तो जब छुपाने वाली बात नहीं रह गई है तो वो सिक्रेसी डायरेक्शन को हटवा देगी। समझ आ रही है बात? हर 6 महीने में सीक्रेसी डायरेक्शन रिव्यू किया जाता है कि वेदर इट इज स्टिल अ सीक्रेट और इट शुड बी लाइक सिक्रेसी डायरेक्शन शुड बी रिवोक्ड। ठीक है? हर छ महीने में तो किया ही जाता है। बट एपेंट भी रिक्वेस्ट कर सकता है कि लाइक एपेंट भी बोलेगा कि गवर्नमेंट प्लीज आप मेरे इस सिक्रेसी डायरेक्शन को रिव्यू कर लो। और भाई मैंने बहुत मेहनत की है। मेरा पेटेंट है। मुझे पेटेंट राइट्स चाहिए। आप लोग लगा के बैठ गए हो सीक्रेसी डायरेक्शन ना मुझे कुछ करने दे रहे हो ना खुद कुछ कर रहे हो तो प्लीज अब इस सीक्रेसी डायरेक्शन को आप एक बार चेक करो क्योंकि मुझे नहीं लगता कि अब इसमें छुपाने लायक कुछ भी बात रह गई है। ओके। सो मैंडेटरी सिक्स मंथ्स रिव्यू होता ही होता है और एपिकेंट की रीज़नेबल रिक्वेस्ट से अर्ली रिव्यू भी हो सकता है। लाइक 3 महीने में भी अगर एपेंट को लग रहा है एपेंट यह प्रूव कर दे कि यूएस में तो यह इन्वेंशन ऑलरेडी पब्लिश्ड है। व्हाई आर यू हाइडिंग दिस फ्रॉम द पब्लिक एंड व्हाई आर यू डिप्र्राइविंग मी फ्रॉम माय राइट्स? ओके। सो, 6 महीने में मैंडेटरी रिव्यू होता है सिक्रेसी डायरेक्शन को हटाने का। एपेंट की रिक्वेस्ट पे पहले भी हो सकता है। ठीक है? क्या लिखा है? और ऑन रिक्वेस्ट मेड बाय द एपेंट व्हिच इज़ फाउंड टू बी रीज़नेबल बाय द कंट्रोल। अगर कंट्रोलर को लग रहा है कि भाई रीज़नेबल बात कर रहा है बंदा। एंड इफ ऑन सच रिकंसीडरेशन इट अपीयरर्स टू द और उस रिक्वेस्ट पे सेंट्रल गवर्नमेंट को यह लगने लगता है कि यह जो पब्लिकेशन है वुड नो लगर बी प्रिजुड्यूसल टु द डिफेंस ऑफ़ इंडिया। मींस अब इंडिया के डिफेंस के लिए यह खतरनाक नहीं रह गया है। ठीक है? ऑफ एन एप्लीकेशन फाइल्ड बाय फॉरेन एपिकेंट। ठीक है? फॉरेन में किसी बंदे ने ऐसी एप्लीकेशन फाइल कर दी और वो ऑलरेडी पब्लिश हो गया है। ठीक है? तो गवर्नमेंट सिक्रेसी डायरेक्शन को रिवोक करने का ऑर्डर दे देगी। और फिर करेगा कौन? बताओ सिक्रेसी डायरेक्शन हटाएगा कौन? कंट्रोल कंट्रोलर हटाएगा। ठीक है? करता सब कुछ वही है। बस अह उनके ऑर्डर का पालन करता है। फिर क्या बोल रहा है? द रिजल्ट ऑफ़ एव्री रिकंसिडरेशन अंडर सब सेक्शन वन शैल बी कम्युनिकेटेड टू द एप्लेंट विद इन सच टाइम एंड इन सच मैनर एज़ मे बी प्रिस्क्राइब। तो, हम रूल्स में देखेंगे कि कितने-कितने दिनों में यह जो रिकंसीडरेशन की जो रिक्वेस्ट हैं, यह एपेंट को कम्युनिकेट कर दी जाती हैं कि हां भाई, आपकी बात मान ली गई। अब सिक्रेसी डायरेक्शन वगैरह अब हम हटा दे रहे हैं। ठीक है? तो दो चीजें याद रखनी है। 6 मंथ्स में मैंडेटरी रिव्यू होता है और अर्ली रिव्यू हो सकता है अगर आप खुद रिक्वेस्ट कर लें। ठीक है? और अगर फॉरेन एपिकेंट ने हट फाइल कर दिया है सेम इन्वेंशन तो रिवोक हो जाएगा सिक्रेसी डायरेक्शंस। फिर हम पढ़ते हैं सेक्शन 37 कॉन्सिक्वेंसेस ऑफ सिक्रेसी डायरेक्शन। देखो अब सिक्रेसी डायरेक्शन लगने से कुछ फायदे भी हैं। फायदा सबसे पहला क्या है कि जब तक सो लॉन्ग एज एन एनी डायरेक्शन अंडर सेक्शन 35 आर इनफोर्स इन रिस्पेक्ट ऑफ एन एप्लीकेशन द कंट्रोलर शैल नॉट पास एन ऑर्डर रिफ्यूजिंग टू ग्रांट द सेम। ठीक है? जब तक आपके इन्वेंशन में सिक्योरिटी डायरेक्शन लगा है, आपका इन्वेंशन यह नहीं हो सकता। मतलब कंट्रोलर उसको ग्रांट करने से मना नहीं कर सकता। कंट्रोलर यह नहीं बोल सकता कि तुमने एक्ट के हिसाब से यह नहीं किया, वो नहीं किया, फलाना नहीं किया। जो 10 ड्रामे करता है ना कि भाई यह चीज ऐसे नहीं हो करी। यह एक्ट के अकॉर्डिंग नहीं है। एफआर भेज रहे हैं। यह प्रॉब्लम है। यह प्रायर आर्ट है। यह जितनी भी चीजें हैं। ठीक है? तो, वह नहीं कर सकता है। आपको ग्रांट करने से मना नहीं कर सकता। जब तक आपके इन्वेंशन में सिक्रेसी डायरेक्शन लगा हुआ है। ठीक है? उसके बाद क्या बोल रहा है? पहला कॉन्सिक्वेंस तो यह हो गया कि नो रिफ्यूजल ऑफ पेटेंट। द कंट्रोलर कैन नॉट द कंट्रोलर कैन नॉट रिफ्यूज टू ग्रांट द पेटेंट सिंपली बिकॉज़ सीक्रेसी डायरेक्शन इज देयर। ठीक है? पेटेंट वैलिड रहेगा। फिर कोई भी अपील नहीं कर सकता। ठीक है? कि कोई भी इस चीज की अपील नहीं। नो अपील शैल लाई फ्रॉम एनी ऑर्डर ऑफ द कंट्रोलर पास्ड इन रिस्पेक्ट। मतलब कि कंट्रोलर ने जो भी ऑर्डर दिया है सिक्रेसी डायरेक्शन का इस चीज की कोई अपील वपील नहीं करोगे कि हाई कोर्ट में पहुंच गए कि भाई कंट्रोलर ने मेरे इन्वेंशन पे सिक्रेसी डायरेक्शन लगा दिया है। हाई कोर्ट तुम मेरे इन्वेंशन का सीक्रेसी डायरेक्शन हटवाओ। मेरे को पब्लिश करना है। मेरे को ग्रांट चाहिए। इन सब चीजों के लिए जो भी कंट्रोलर ने ऑर्डर पास कर दिया है इस मैटर में वो अपीलेबल नहीं है कहीं पे भी। ठीक है? कि मेरा पेटेंट प्रोटेक्शन डिले हो रहा है। सो यू कैन नॉट अपील एनी ऑर्डर ऑफ द कंट्रोलर इन रिस्पेक्ट टू द सीक्रेसी डायरेक्शन। हम फिर क्या बोल रहा है? प्रोवाइडेड दैट में क्या है? बहुत ही सिंपल सी चीज है कि सारे काम कर सकते हो आप एग्जामिनेशन मतलब कि जब भी आपके पब्लिश नहीं हो रहा है ना तो पब्लिश नहीं हो रहा है तो उस बीच में आप एग्जामिनेशन कर लो। कोई ऑब्जेक्शंस आए हैं तो उन पर रिसोंड कर लो। मतलब अपने पेटेंट को सीक्रेट तो रखना ही रखना है और उसको ग्रांट तक की स्टेज के लिए रेडी कर सकते हैं। ठीक है? एप्लीकेशन कैन बी मेड इन ऑर्डर ऑफ ग्रांट। तो उसको ग्रांट तक की स्टेज के लिए रेडी कर सकते हैं। जैसे सिक्रेसी डायरेक्शन लगा है और गवर्नमेंट देख रही है कि भाई ये तो काम लेकिन उस बीच में आप सारे काम करते रहो। प्रोवाइडेड दैट द एप्लीकेशन एप्लीकेशन मे सब्जेक्ट टू द डायरेक्शंस प्रोसीड अप टू द स्टेज ऑफ़ ग्रांट। ग्रांट की स्टेज तक पहुंच सकती है एप्लीकेशन बट द एप्लीकेशन एंड द स्पेसिफिकेशन फाउंड टू बी इन ऑर्डर फॉर ग्रांट ऑफ़ द पेटेंट शैल नॉट बी पब्लिश। पब्लिश नहीं होगा और ग्रांट भी नहीं होगा। पब्लिश पब्लिकेशन और ग्रांट दोनों ही नहीं होगा। बट ग्रांट की स्टेज तक आप उसको रेडी कर सकते हैं। ठीक है? ऑब्वियसली प्री ग्रांट अपोजिशन और ये सारे अपोजिशंस पे तो आप रिप्लाई नहीं कर पाओगे ना क्योंकि पब्लिक ही नहीं हुआ। जब पब्लिक ही नहीं तो प्री ग्रांट अपोजिशन की बात ही नहीं आई। बट अगर कंट्रोलर ने कुछ भी चीज बोली है या कुछ भी ऑब्जेक्शन है छोटा-मोटा की ड्राइंग सही कर लो। तो उन सब चीजों को आप ओके करके उसको ग्रांट की स्टेज तक के लिए एकदम सजा के तैयार कर सकते हो। जैसी सिक्रेसी डायरेक्शन हटे फटाक से ग्रांट करवा लो। ठीक है? मींस इट कैन प्रोसीड अप टू द स्टेज ऑफ़ ग्रांट बट इट विल नॉट बी ग्रांटेड एंड नॉट बी पब्लिश्ड। ओके? फिर क्या बोल रहा है? टू में वेयर अ कंप्लीट स्पेसिफिकेशन फाइल्ड इन पर्सनंस ऑफ़ एन एप्लीकेशन फॉर अ पेटेंट फॉर एन इन्वेंशन। ठीक है? ठीक है। हां ओके एक कोई और बचा है। उसको भी आ जाने दो। कौन सा सेक्शन पढ़ रहे हैं हम? 36 पढ़ रहे हैं ना? 37 हु इज लेफ्ट भाई आ जाओ जल्दी से। टाइम कम है। ओके तो कॉन्सिक्वेंसेस पढ़ रहे थे हम। पहला कॉसिक्वेंस क्या था कि ग्रांट नहीं हो सकता है हमारा इन्वेंशन। ठीक है? दूसरा क्या है कि कोई भी अपील नहीं कर सकता सिक्रेसी पीरियड में। ठीक है? और ग्रांट तक के स्टेज पर पहुंचाने के लिए हम उसको रेडी कर सकते हैं। बट ग्रांट नहीं कर सकते। आफ्टर दैट 372 इज वेरीेंट। देखो कुछ सेक्शंस हैं जिनका नाम है सेक्शन नंबर 100 101 एंड 103। ठीक है? तो मैं आपको इसका कॉन्टेक्स्ट समझा देता हूं एक बार। 10001 और 103 का। देखो क्या बोल रहा है। जैसे अभी मैंने बताया था यूज ऑफ इन्वेंशन फॉर परपज ऑफ गवर्नमेंट एंड एक्विजिशन ऑफ इन्वेंशंस बाय सेंट्रल गवर्नमेंट। जैसे अभी मैंने बताया था ना जब दीपक सर ने पूछा कि ग्रांट सर ग्रांट भी नहीं करने दे रहे। तो गवर्नमेंट आपके इन्वेंशंस को एक्वायर कर लेती है। उसके पास राइट है। सेंट्रल गवर्नमेंट आपके इन्वेंशंस को एक्वायर कर लेगी, खरीद लेगी और आपको प्रॉपर कंपनसेशन पे करेगी। ठीक है? और आपके इन्वेंशन को यूज भी कर सकती है अपने पर्पस के लिए तब भी आपको कंपनसेशन पे करेगी। ठीक है? तो यह सारी कहानी कब होती है? मुझे बताओ। यह सारी कहानी तब होगी जब आपका इन्वेंशन ग्रांट हो चुका है। तभी तो कोई इन्वेंशन को एक्वायर करेगी। ठीक है? और आपको कंपनसेशन देगी। आपको कंपनसेशन कब मिलेगा? आपको पैसे कब मिलेंगे? जब आपको राइट्स मिल गए। क्या पता आपका पेटेंट वैलिड ही ना हो तो आपको कंपनसेशन क्यों मिलेगा? गॉट इट? तो इस सेक्शन में क्या बताया गया है इस चैप्टर में? चैप्टर नंबर 17 है कि गवर्नमेंट आपके इन्वेंशंस को यूज़ कर सकती है, एक्वायर भी कर सकती है, खरीद भी सकती है। ठीक है? तो, यहां पे क्या कहना चाह रहा है? इसलिए मैं इसका कॉन्टेक्स्ट आपको बता दिया हूं। और यह सब पॉसिबल कब होता है? जब आपका इन्वेंशन ग्रांट हो चुका है। तभी यह सारी चीजें पॉसिबल हैं। ओके। अब देखो कॉन्सिक्वेंसेस में क्या कह रहा है कि अगर सिक्रेसी डायरेक्शन बहुत ही आराम से समझना मिस हो सकता है। बोल रहा है कि अगर सीक्रेसी डायरेक्शन लगा हुआ है सेक्शन 35 के अंडर। ठीक है? और पेटेंट इज एन ऑर्डर फॉर ग्रांट। मतलब पेटेंट एकदम टनाटन है। रेडी है ग्रांट करने के लिए। ठीक है? और मान लो सब कुछ सही है। ग्रांट करने लायक है। और इस बीच में मान लो युद्ध छिड़ गया। ठीक है? और वह जो आपका इन्वेंशन था वह बहुत ही जरूरी है वॉर में। उसका बहुत ज्यादा यूज़ होने वाला है। मतलब गवर्नमेंट को लग रहा है इससे तो पूरा गेम चेंजर हो जाएगा। मुझे तो यह इन्वेंशन चाहिए ही चाहिए और सीक्रेसी भी लगा रखी है। दुनिया को बता भी नहीं सकते। अब मुझे एक बात बताओ क्या मेरा पेटेंट ग्रांट हुआ है अभी तक? बोलो अभी तक तो नहीं ग्रांडू नहीं हुआ है। नहीं हुआ है। क्या सिक्रेसी डायरेक्शन लगे हुए हैं? यस। सिक्रेसी डायरेक्शन भी लगे हुए हैं। क्या गवर्नमेंट यूज करना चाहती है मेरे इन्वेंशन को? यस। ठीक है? तो बहुत ही प्यारी बात यहां पे कही गई है कि अगर सिक्रेसी डायरेक्शन लगे हुए हैं और गवर्नमेंट मेरे इन्वेंशन को कोई भी चाहे गवर्नमेंट ही क्यों ना हो अगर भाई मेरा अच्छा इन्वेंशन है गवर्नमेंट यूज़ पैसा तो देगी ना कंपनसेशन तो चाहिए ना मुझे ऐसे फ्री फंड में थोड़ी ना यूज़ करने दूंगा मैं किसी को मेरी सालों की मेहनत है। तो क्या बोल रहा है? एनी यूज़ ऑफ़ द इन्वेंशन इज़ मेड बाय और ऑन बिहाफ ऑफ़ गवर्नमेंट द प्रोविज़ंस ऑफ़ सेक्शन 10001 एंड 1003 शैल अप्लाई इन रिलेशन टू दैट यूज़ एज़ इफ द पेटेंट हैड बीन ग्रांटेड फॉर द इन्वेंशन। बहुत ही इंपॉर्टेंट और बहुत ही गहरी बात यहां पे लिखी हुई है। आराम से समझ लो कि सेक्शन 10001 और 1003 में क्या बताया गया है कि गवर्नमेंट मेरे इन्वेंशन को खरीद सकती है। उसको यूज़ कर सकती है और जब वह ऐसा करेगी तो मुझे प्रॉपर कंपनसेशन देगी। ठीक है? मेरे इन्वेंशन से रिलेटेड मैं मेरे और गवर्नमेंट के बीच में म्यूचुअल डिस्कशन होगा। एंड वी विल एग्री कि हां भाई इतने पैसे में मैं इस इन्वेंशन को गवर्नमेंट को बेच रहा हूं या 2 साल के लिए लाइसेंस कर रहा हूं यूज करने के लिए और गवर्नमेंट विल पे रॉयल्टीज टू मी। यहां पे क्या हुआ है? एक ऐसी सिचुएशन क्रिएट हो गई है कि मेरे इन्वेंशन पे सिक्रेसी डायरेक्शन लगा है। गवर्नमेंट दुनिया को बताना भी नहीं चाहती और गवर्नमेंट को यूज़ भी करना है और ग्रांट भी नहीं हुआ है। भाई राइट्स कब मिलते हैं? जब ग्रांट हो जाता है। तभी तो राइट्स मिले। तभी तो कंपनसेशन पैसों की बात तो तभी होती है ना जब आप अपने पेटेंट के ओनर बन गए हो। यहां पे क्या कह रहा है कि मेरे पेटेंट में सब कुछ सही है। वो ग्रांट होने की स्टेज तक पहुंच गया। उसमें कोई ऑब्जेक्शंस नहीं है। एवरीथिंग इज फाइन। जैसे ही सिक्रेसी डायरेक्शन हटेगा क्योंकि एक शर्त है कि सिक्रेसी डायरेक्शन नहीं हटेगा तो ग्रांट नहीं कर सकते। तो एक शर्त है कि सिक्रेसी डायरेक्शन हटना है। बट सिक्रेसी डायरेक्शन गवर्नमेंट हटा भी नहीं सकती। और इस बीच में वॉर के टाइम पे गवर्नमेंट को उस इन्वेंशन की जरूरत पड़ रही है। ठीक है? तो वह यह बोल रहा है कि इस बीच में सेक्शन 10001 और 1003 के प्रोविजंस अप्लाई होंगे और ऐसा मान लिया जाएगा कि पेटेंट ग्रांट हो चुका है। ठीक है? और ऐसा क्यों मान लिया जाएगा कि पेटेंट ग्रांट हो चुका है जिससे कि गवर्नमेंट आपको कंपनसेशन प्रोवाइड करेगी। बताओ किस-किस को समझ में नहीं आया? देखो एक बार फिर से मैं रीिट्रेट करता हूं। आपके पेटेंट में सब कुछ सही है। वह एकदम ग्रांट की स्टेज पे बैठा हुआ है। ग्रांट नहीं कर सकते क्योंकि सिक्योरेसी डायरेक्शन लग जाएगा। सिक्योरेसी डायरेक्शन लगा हुआ है। गवर्नमेंट को आपके इन्वेंशन की जरूरत पड़ी। आपको जब भी पेटेंट राइट्स मिलती हैं तो आप लोगों को अपने इन्वेंशन को सेल करते हो। आप लाइसेंसिंग करते हो, आप असाइनमेंट करते हो एंड यू अर्न मनी थ्रू दैट। आप उससे पहले तो पैसे नहीं कमा सकते जब तक आपको राइट्स नहीं मिले। तो यहां पे यह बोल रहा है कि उस बीच में सिक्रेसी के बीच में ही गवर्नमेंट को जरूरत पड़ गई। तो ऐसे प्रोविजंस जो हैं 100, 101 और 103 जिनमें गवर्नमेंट कंपनसेेट करती है आपको आपके इन्वेंशन को यूज़ करने के लिए। तो वो प्रोविजंस अप्लाई कर कर दिए जाएंगे और ऐसा मान लिया जाएगा कि आपका इन्वेंशन ग्रांट हो गया है। ग्रांट नहीं हुआ है। ऐसा मान लिया जाएगा कि ग्रांट हो गया जिससे कि आपको पेमेंट किया जा सके। आपको कंपनसेशन प्रोवाइड किया जा सके। बताओ समझ आ रहा है? कोई अपने विचार व्यक्त करो तब मुझे पता चलेगा कितना समझ आया किसको? रजनीश क्या समझ में आया? एक जैसे इमरजेंसी सिचुएशन है। ठीक है? और गवर्नमेंट को हम एक डिफेंस का पेटेंट है। हम उसको यूज़ करना है। ठीक है? उस पे सेक्रेसी डायरेक्शन लगा हुआ है। ठीक है? अब क्या हुआ कि गवर्नमेंट को उसे यूज़ करना है। पर वो अभी ग्रांट भी नहीं हुआ। पब्लिश भी नहीं हुआ है। हम तो क्या करेंगे? गवर्नमेंट क्या करेगा? सेक्शन 100 और 101 एंड 103 के अकॉर्डिंग ऐसा मान लेगा कि ये पेटेंट ग्रांट हो चुका है जिससे वो जो जिसका पेटेंट है उसको रॉयल्टी दे सके और खुद यूज़ कर सके। खुद यूज़ कर सके। बिल्कुल सही। यही समझने की बात थी। यही है ना? बिल्कुल यही है एग्जैक्टली ऐसा क्योंकि रॉयल्टी तभी मिलेगी जब पेटेंट ग्रांट होता है। सेक्शन 10001 और 103 में रॉयल्टी तभी मिलती है जब ग्रांट हो जाता है। तो ऐसा मान लेगी गवर्नमेंट कि ग्रांट हो गया। भाई मुझे यूज़ करना है। मैं तुम्हें पैसे दे रहा हूं। अभी के लिए मान लेते हैं कि ये ग्रांट हो गया और पैसे लो और मुझे यूज़ करने की परमिशन दो। सिंपल एज दैट। तो ऐसा मान लिया कि ग्रांट हो गया तो वो एक्चुअल में ग्रांट हो गया या फिर कब होगा? नहीं एक्चुअल में ग्रांट नहीं हुआ मानसी। एक्चुअल में ग्रांट तो सिक्रेसी डायरेक्शन के बाद ही होगा। फिर जब वॉर हो जाएगी सब फिर से वो हटेगा। फिर वो ग्रांट होगा। फिर वो एक्चुअल ग्रांट होगा। फिर वो गवर्नमेंट के अलावा किसी और इंसान को भी लाइसेंस करेगा। कुछ फिर उसकी मर्जी है। वो कुछ भी करे। अभी गवर्नमेंट यह चाहती है कि मैं तुम्हें पैसा दे रहा हूं और मुझे इसको यूज़ करने दो। और ऐसा मान लो कि ग्रांट हो गया क्योंकि पैसे ग्रांट के बाद ही दिए जाते हैं। ग्रांट होने से पहले आप किसी को कंपनसेेट नहीं कर सकते क्योंकि इस बात की क्या गारंटी है कि मैं आपको पैसे दे रहा हूं। यह पेटेंट आपका है। क्या पता वो ग्रांट ही ना हो। तो ऐसा मान लिया जाएगा कि वह ग्रांट हो गया। जिससे कि सेक्शन 10001 और 103 अप्लाई किया जा सके और गवर्नमेंट उसको यूज़ कर सके और उसको कंपनसेेट कर सके। वंस द वॉर इज ओवर सिक्रेसी डायरेक्शंस आर रिवोक्ड देन जैसे नॉर्मल प्रोसीजर होता है वह पेटेंट ग्रांट किया जाएगा। फिर जो पेटेंटी है वो जो चाहे वो करें। ऐसा क्यों लिखा है? क्योंकि ये जो तीनों सेक्शंस हैं, यह ग्रांट के बाद ही अप्लाई होते हैं। ठीक है? 100, 101 और 103 ग्रांट के बाद ही अप्लाई किए जाते हैं। ठीक है? देखो क्या लिखा है? 100 में क्या लिखा है? पावर ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट टू यूज़ इन्वेंशंस फॉर पर्पस ऑफ गवर्नमेंट। ठीक है? ऐसे सिचुएशन में राघव अर्ली ग्रांट का कोई प्रोसीजर नहीं है क्या? नहीं नहीं अर्ली इमरजेंसी सिचुएशन हो जल्दी से नहीं ग्रांट नहीं होगा। डायरेक्शन हटाओ अर्ली ग्रांट नहीं क्योंकि सेक्शन 37 37 वो सारे प्रोसीजर से जाना ही है। जाना ही है। उस प्रोसीजर से जाना ही जाना है। देखो 103 में क्या लिखा है हाई कोर्ट देखो 103 में यह लिखा है कि अगर गवर्नमेंट यूज कर रही है और तुम गवर्नमेंट एनी पर्सन टू रिसीव पार्ट ऑफ पेमेंट मेड इन गवर्नमेंट कह रही है कि भाई यह इन्वेंशन के मैं तुम्हें ₹1 लाख दूंगी और आप कह रहे हो नहीं मुझे तो 50 लाख चाहिए तो आप हाई कोर्ट जा सकते हो गवर्नमेंट के अगेंस्ट ठीक है डिस्प्यूट्स को लेके कंपनसेशन के और 100 में क्या बोल रहा है कि गवर्नमेंट इसको यूज करना चाहे तो यूज कर सकती है पावर ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट टू यूज़ इन्व इन्वेंशंस फॉर पर्पज ऑफ गवर्नमेंट। ठीक है? तो गवर्नमेंट आपके इन्वेंशन को यूज़ करेगी और आपको प्रॉपर पे करेगी। ठीक है? हां। तो यही सब लिखा हुआ है। अच्छा रजनीश क्या कह रहे थे कि जल्दी ग्रांट करने का कोई प्रावधान नहीं है। तो जल्दी ग्रांट करने का प्रोविजन इसलिए नहीं है क्योंकि यहां पे लिखा हुआ है कि जब तक सिक्रेसी डायरेक्शन लगा हुआ है तब तक पेटेंट ग्रांट नहीं होगा। यहां पे लिखा हुआ है। ठीक है? हां, मैं वही कह रहा था कि मतलब सीक्रेसी डायरेक्शन भी हटाओ जल्दी से। ग्रांट करो जल्दी से जिसे यूज़ करें। नहीं नहीं नहीं। क्योंकि ग्रांट जब होता है तो ग्रांट तो पब्लिश होती है ना और ग्रांट ग्रांट पब्लिश होगी तब पता चल जाएगा कि भाई ये फलाना पेटेंट तो पब्लिश ग्रांट हो गया है। हम अच्छा एक क्वेश्चन है हम सिक्रेसी डायरेक्शन हटने के बाद जब ग्रांट हो जाता है हम तो हम फिर लाइसेंसिंग के लिए भी कुछ रूल्स निकालती है गवर्नमेंट या फिर हम किसी को भी लाइसेंस कर सकते हैं। यू कैन डू एनीथिंग वंस द सिक्रेसी डायरेक्शन इज रिमूव्ड द गवर्नमेंट हैज़ नो रोल देन इट्स योर इन्वेंशन व्हाटएवर यू वांट टू डू यू कैन डू हम ऐसा भी कोई इन्वेंशन होगा जिसमें से डायरेक्शन लगा ही हुआ है वो हटा ही नहीं यार अब इस पे तो आई कैन नॉट कमेंट वो कभी ना कभी तो हटेगा ही ना क्योंकि ऐसी तो कोई टेक्नोलॉजी नहीं है जो 10 साल से 20 साल से सिर्फ इंडिया को ही पता है। दुनिया के किसी को पता ही नहीं है। गवर्नमेंट उसको यूज़ करे जा रही है। यार आई कैन नॉट कमेंट ऑन दिस कि ऐसा कोई इन्वेंशन हो सकता है जिस पे अभी तक सीक्रेसी डायरेक्शन नहीं हटा। तो अभी तक कभी तक मतलब कितने सालों से नहीं हटा। एकद साल से नहीं हटा तो हट जाएगा। हर छ महीने में वो रिव्यू करते रहते हैं। दिस होल थिंग डिपेंड्स ऑन द गवर्नमेंट वेदर दे वांट टू रिमूव द सिक्रेसी डायरेक्शन ऑ नॉट। इट्स देयर रिस्पांसिबिलिटी, इट्स देयर डिसीजन एट ऑल। ठीक है? नहीं मैं ये कह रहा हूं एक हम मैं कह रहा था कि सिक्रेसी डायरेक्शन अभी हमने कहा एक वॉर वाला सिचुएशन ले लिया। ठीक है? तो उसमें सीक्रेसी डायरेक्शन में रहते हुए इन्वेंशन का यूज कर रहा है गवर्नमेंट। ठीक है? हम और उसको कंपनसेशन दे रहा है। बस यह मान के कि ग्रांट हो गया। तुम्हारा ग्रांट हो गया। ठीक है। हां। अब हम देखते हैं कि सुनते भी हैं कि कुछ-कुछ टेक्नोलॉजी ना सिर्फ यूएसए के पास है। हां हां। ठीक है। एिएशन की कोई कुछ टेक्नोलॉजी सिर्फ यूएसए के पास है। ठीक है। ठीक है। तो इसका मतलब ये है कि और वो चीज़ कहीं नहीं है। बिलकुल। तो इसका मतलब ये भी है कि किसी उसने लाइसेंस भी नहीं करा। उसने किसी को बताया भी नहीं है। हां बिल्कुल। कुछ इन्वेंटर उसका गवर्नमेंट बॉडी भी हो सकता है और कोई इंडिविजुअल भी हो सकता है। बिल्कुल हो सकता है। गवर्नमेंट गवर्नमेंट डीआरडीओ भी करता है ना इन्वेंशंस। हां तो इंडिविजुअल वाले केस में अगर कोई इंडिविजुअल है उसने बनाया उसने यूएसए की गवर्नमेंट उसको यूज़ कर रही है। हम तो इन्वेंटर का और वो सिक्रेसी डायरेक्शन के अंडर ही है। मान के चलते हैं क्योंकि डिस्क्लोज़ कहीं कर नहीं रहे हैं। हम ठीक? हम तो सिक्रेसी डायरेक्शन के अंदर तो जो इन्वेंटर है उसको बेनिफिट सिर्फ यही मिलेगा कि जो कंपनसेशन गवर्नमेंट देगी बस वो उसको मिल जाएगा। बस बात खत्म। देखो पहली चीज तो ये जो आपने बोला कि इन्वेंट इन्वेंटर कहां का है और यूएसए का यूज कर रहा है। इन्वेंटर इंडिया का है क्या? नहीं नहीं इन्वेंटर भी वहीं का है। तो वहां के रूल्स क्या है? आई डोंट नो ना। अरे मतलब इंडिया का है और इंडिया में ये सिचुएशन मान लेते हैं। हां इंडिया में है और इंडिया में ये सिचुएशन मान लेते हैं। तो यू आर सेइंग कि उसको बस हां उसको बस यही मिलेगा कि उसको कंपनसेशन मिल जाएगा। बिकॉज़ वो इन्वेंशन बहुत ही ज्यादा जरूरी है। डिपेंडिंग ऑन द मेरिट ऑफ द इन्वेंशन। उसको अमाउंट ज्यादा मिलेगा। अगर आप अमाउंट से खुश नहीं हो तो यू कैन गो टू द कोर्ट आल्सो। और उसको डिक्लेअ वगैरह भी कहीं नहीं कर सकता कि मैंने ये इन्वेंट करा है। ना गवर्नमेंट करेगी। नहीं नहीं नहीं दैट विल बी अ सीक्रेट ऑलवेज ओके मतलब कोई भी अमाउंट कोई भी पैसा देश की सुरक्षा से बड़ा नहीं हो सकता ना हां मैं समझ गया समझ गया और अगर आपका कोई इन्वेंशन है और आप ऐसा सीक्रेट वाला इन्वेंशन आप यूएस में तो डायरेक्ट फाइल भी नहीं कर सकते पीसीटी के थ्रू मतलब पब्लिकेशन की तो बात ही छोड़ दो आप अभी सेक्शन सेक्शन 39 में इसीलिए मैंने आपसे पूछा कि क्या वो इंडिया का इन्वेंटर है और यूएसए में फाइल कर रहा है? यहां पे क्या लिखा है? सेक्शन 39 में रेजिडेंट्स नॉट टू अप्लाई फॉर पेटेंट्स आउटसाइड इंडिया विदाउट प्रायर परमिशन। आप गवर्नमेंट की परमिशन के बगैर फॉरेन में अप्लाई भी नहीं कर सकते हैं। पीसीटी के थ्रू भी नहीं अप्लाई कर सकते हैं। उसकी भी कुछ कंडीशंस हैं। पता चले ऐसी टेक्नोलॉजी आप यूएसए को बेच आए। ठीक है? क्लियर है सबके डाउट्स? एनी अदर डाउट? ओके राघव हां हां अच्छा राघव जैसे बोला तुमने कि जैसे अह सेक्रेसी डायरेक्शन हटने के बाद हम्। जब पेटेंट ग्रांट हो जाता है पेटेंट को। हम् हम् तो वो अपने हिसाब से यूज़ कर सकता है। उसकी लाइसेंसिंग भी कर सकता है 200 को। ठीक है? तो इस पे क्या गवर्नमेंट का कुछ तो रहता होगा रोक कि तुम ऐसे हर किसी को लाइसेंस नहीं कर सकते। जैसे किसी ने गन बनाया। अब वो गन हर किसी हर छोटी-मोटी कंपनियों को चल रहा है लाइसेंस कि बनाओ और बेचो। तो ऐसा कर सकता है क्या वो? नहीं। किसी को लाइसेंस हर किसी को लाइसेंस गवर्नमेंट का इसमें कोई रोल नहीं है। जैसे जैसे मेरे भाई गन की बात हुई तो सेक्शन थ्री के अंडर में तो ऑलरेडी ये बता दिया गया है ना कि ऐसा कोई भी इन्वेंशन जो कि गलत है जो कि पब्लिक के खिलाफ है उनका तो उनको तो पेटेंट मिलता ही नहीं है। पेटेंट ही नहीं मिलता। पेटेंट ही ग्रांट ही नहीं होता। सेक्शन थ्री के अंडर में अगर आपका कोई भी ऐसा इन्वेंशन आप बना रहे हो जो ह्यूमंस के लिए खतरनाक है तो उसका तो पेटेंट ग्रांट ही नहीं होगा। आप सेक्शन थ्री में ही फंस जाओगे पहले ही। तो ये गंस वगैरह जो बने हुए हैं इनका कोई वो मतलब पेटेंट वगैरह नहीं मिला है। किसी को ग्रांट नहीं होगा। नहीं गंस का पेटेंट मिलता है। मतलब गंस तो ऑब्वियसली लोगों को हार्म करो। सिक्योरिटी पर्पस के लिए भी तो गंस बनाना जरूरी है ना। हां। बट अगर आप सिक्योरिटी पर्पस से मिला होगा। कुछ ऐसा बना दे रहे हो जो कि लोगों के लिए ही खतरनाक है तो उसका तो सेक्शन थ्री में ही आप फंस जाओगे। ठीक समझ और कोई गंस नहीं न्यूक्लियर बम गो [हंसी] एट एटॉमिक एनर्जी वाले खोजने वाला था लेकिन वो तो पेटेंट ही नहीं होगा। एटॉमिक एनर्जी तो पेटेंटेबल ही नहीं है। सेक्शन फोर के अंडर हां मतलब बॉम्ब कहो ह्यूमन बॉम्ब का हां पता चले ये कोरोना वायरस बना रहे हो बैठ के और बोले मेरे को पेटेंट चाहिए फिर मैं मारूंगा कोरोना वायरस से चाइना वालों को ठीक है ओके अच्छा आगे बढ़ते हैं अब ये सब हो गई ये सेक्शन 100 वाली कहानी सबको अच्छे से समझ में आ गई है। फिर क्या कह रहा है? इफ इट अपीयर्स टू द सेंट्रल गवर्नमेंट दैट द एप्लीटेंट फॉर द पेटेंट हैज़ सफ़र्ड हार्डशिप्स बाय द रीज़न। अब देखो तुम लोगों के मन की बात आ गई यहां पे। बाय द रीज़न ऑफ़ द कंटिन्यूस एंड फ़ोर्स ऑफ़ द डायरेक्शन द सेंट्रल गवर्नमेंट मेक हिम टू पे सच पेमेंट बाय वे ऑफ़ सोलेशियम एज़ अपीयर्स टू द सेंट्रल गवर्नमेंट टू बी रीज़नेबल हैविंग रिगार्ड टू द नोबेबिलिटी एंड यूटिलिटी ऑफ़ द इन्वेंशन एंड द पर्पस फॉर व्हिच इट इज़ डिज़ एंड टू एनी अदर रेलेवेंट सरकमस्टेंसेस। अब यहां पे क्या बोल रहा है? से यार लगा दिया है ये सीक्रेसी डायरेक्शन लगा दिया है और आ रही है आवाज आ रही है हां आ रही है अभी ठीक है तो जैसे सिक्रेसी डायरेक्शन लगा दिया है और मान लो कि गन का ही एग्जांपल ले लेते हैं यार रजनीश वाला ही तो गन है और गवर्नमेंट को लग रहा है यह तो बहुत ही बढ़िया गन है और इस पे तो सिक्रेसी डायरेक्शन लगाना ही चाहिए यह तो हमारे इसकी रेंज बहुत अच्छी है और बाद में जाके क्या हुआ कि सिक्रेसी डायरेक्शन हट गया क्योंकि बाद में गवर्नमेंट को लगा ठीक है यार यह गन तो नॉर्मल है और कंट्रीज में भी फाइल फेल हो चुका है। इसका पेटेंट इसको छुपाने की अब कोई जरूरत नहीं है। और गवर्नमेंट ने इन सब नौटंकी के चक्कर में एक साल तक सिक्योरेसी डायरेक्शन लगा के रखा। ठीक है? सिक्रेसी डायरेक्शन लगा के रखा। अब आपका कोई कंपटीिट है। ठीक है? और उसने भी सेम यही गन बनाई थी और उसको आपसे पहले पेटेंट ग्रांट हो गया। मान लो उसमें कुछ माइन्यूट चेंजेस थे। उसको आपसे पहले पेटेंट ग्रांट हो गया और उसने बढ़िया मार्केट बना ली और उसने बेचना बेचना शुरू कर दिया। तो यार आपको नुकसान हो गया ना। आप अपने कंपिटर से पीछे रह गए। आपको इन चीजों की वजह से सिक्रेसी डायरेक्शन लगने की वजह से आपको नुकसान हुआ। आपका मार्केट खराब हो गया। बाद में सिक्रेसी डायरेक्शन हट भी गया। तो गवर्नमेंट क्या कहती है कि अगर आप इन्वेंटर हो और आपको सिक्रेसी डायरेक्शन की वजह से हार्डशिप्स हुई हैं। आपको परेशानियां हुई हैं। आपका नुकसान हुआ है तो आपको इस चीज का भी कंपनसेशन देती है गवर्नमेंट। द सेंट्रल गवर्नमेंट मेक टू हिम सच पेमेंट बाय वे ऑफ़ सोलेशियम एज़ इट अपीयर्स टू द सेंट्रल गवर्नमेंट टू बी रीज़नेबल। उस इन्वेंशन की नोबेल्टी, उसका यूटिलिटी और अदर सरकमस्टेंसेस को देखते हुए गवर्नमेंट आपको कंपनसेशन पे करती है। अगर आपको सिक्रेसी डायरेक्शन लगने की वजह से नुकसान हुआ है। अभी ठीक है रजनीश ये क्लॉज़। यस सर। हम हम सही है। ओके। फिर क्या बोल रहा है? वेयर अ पेटेंट इज़ ग्रांटेड इन पर्संस ऑफ़ एन एप्लीकेशन इन रिस्पेक्ट ऑफ व्हिच डायरेक्शंस हैव बीन गिवेन अंडर सेक्शन 35 नो रिन्यूल। ठीक है? अब यह बात अभी सबने पढ़ी भी नहीं है। मैं एक बार फिर से बताता हूं कि 20 सालों के लिए इसको डिटेल में अभी नहीं पढ़ा है हमने। 20 सालों के लिए आपको पेटेंट का रिन्यूल फी देना होता है। स्टार्टिंग के 2 साल नहीं देना होता। उसके बाद बचे हुए 18 सालों के लिए आपको रिन्यूल फी देनी होती है हर साल। ठीक है? के कुछ अमाउंट है तो बोल रहा है कि जितने सालों तक जितने पीरियड में सिक्रेसी डायरेक्शन लगा हुआ है उस पीरियड का रिन्यूएबल फी भी नहीं देना पड़ता। यह भी आपको एक कंपनसेशन मिल कंपनसेशन तो नहीं बोलेंगे। एक बेनिफिट आपको मिलता है सिक्रेसी डायरेक्शन की। मतलब सिक्रेसी डायरेक्शन गवर्नमेंट ने लगाया है तो गवर्नमेंट जस्ट वांट कि आपको उसकी वजह से कोई भी फाइनेंशियल नुकसान ना हो। पता चले सिक्रेसी डायरेक्शन भी लगा है और तुम उसको हर साल उसका रिन्यूल फी भी पे कर रहे हो। अभी देखते हैं सेक्शन नंबर 38 रेवोकेशन ऑफ सिक्रेसी डायरेक्शन एंड एक्सटेंशन ऑफ टाइम। ठीक है? तो यहां पर क्या बोल रहा है कि व्हेन एनी डायरेक्शन गिवेन अंडर सेक्शन 35 इज रिवोक्ड बाय द कंट्रोलर देन नॉट विद विद स्टैंडिंग एनी प्रोविज़ंस ऑफ दिस एक्ट स्पेसिफाइंग द टाइम विद इन व्हिच एनी स्टेप शुड बी टेकन और एनी एक्ट डन इन कनेक्शन विद एन एप्लीकेशन द कंट्रोलर ठीक है एक्सटेंड अ टाइम क्या कह रहा है सिंपल सी बात है कि जब भी कभी सिक्रेसी डायरेक्शन लगता है तो ऑब्वियसली ली जो एपिकेंट होता है वह बहुत सारी चीजें नहीं कर पाता जब तक सिक्रेसी डायरेक्शन नहीं हट जाता। ठीक है? तो यहां पे क्या बोला जा रहा है कि वंस द सिक्रेसी डायरेक्शन इज़ रिवोक। जब भी सिक्रेसी डायरेक्शन रिवोक होगा तो एपिकेंट ने बहुत सारी डेडलाइंस को मिस कर दिया होगा। ऐसा हो सकता है जैसे कि रिक्वेस्ट फॉर एग्जामिनेशन मिस कर दी हो या कोई भी डेडलाइंस मिस कर दी हो उसने रिप्लाई करने की या एनी एनी डेडलाइंस टाइम फॉर पुटिंग एन ऑर्डर एप्लीकेशन इन ऑर्डर फॉर ग्रांट। ठीक है? तो सेक्शन 38 के अंदर कंट्रोलर के पास यह पावर होती है कि अगर वह डेडलाइंस मिस भी हो गई हैं तब भी उनको एक्सटेंड कर सकता है। ठीक है? क्या लिखा है? सब्जेक्ट टू एनी सच कंडीशन द कंट्रोलर मे एज ही थिंक्स फिट टू इंपोज एक्सटेंड द टाइम फॉर डूइंग एनीथिंग रिक्वायर्ड और ऑथराइज टू बी डन बाय और अंडर दिस एक्ट इन कनेक्शन विद द एप्लीकेशन वेदर और नॉट दैट टाइम हैज़ प्रीवियसली एक्सपायर्ड। अगर टाइम एक्सपायर हो गया है या नहीं हुआ है। दोनों ही चीजों में कंट्रोलर आपको एक्स्ट्रा टाइम देता है। अगर आपकी कोई डेडलाइंस सीक्रेसी डायरेक्शन की वजह से मिस हुई है। इससे क्या इंश्योर होता है कि एपिकेंट को अनफेयरली पीनलाइज्ड ना किया जाए। बिकॉज़ सीक्रेसी डायरेक्शन तो उनके कंट्रोल के बाहर था। वह तो गवर्नमेंट के कहने पे लगाया गया था। ठीक है? ऐसा होगा ना कि रिक्वेस्ट फॉर एग्जामिनेशन फाइल करने के लिए मे बी उसको और टाइम चाहिए हो तो वह सारा टाइम आपको सिक्रेसी डायरेक्शन की वजह से मिलेगा ही मिलेगा। एक सेकंड फिर यह वाला जो सेक्शन है ना यह थोड़ा टेढ़ा सेक्शन है। ठीक है? अब इसके रिगार्डिंग एक रूल भी है। वह रूल हम देख लेते हैं पहले क्या रूल है टाइम के रिगार्डिंग। अब यहां पे आपका सीक्रेसी डायरेक्शन चलो पहले यह भी खत्म कर लेते हैं। उसके बाद रूल्स पढ़ेंगे। ठीक है? यह वाला जो सेक्शंस है, यह बहुत ही ज्यादा मिसअंडरस्टुड सेक्शन है। ठीक है? मेरे को भी बहुत ज्यादा टाइम लगा था इसको समझने में। मैंने बार-बार नोट्स बनाए थे। फिर उनको काटे थे, पेज फाड़े थे। मतलब इट टूक मी अ लॉट ऑफ टाइम। ऑलमोस्ट दो से तीन दिन लगे थे इसको समझने में। ठीक है? तो मैं कभी तुम लोगों को अपने नोट्स भेजूंगा जो मेरे हैंड रिटन नोट्स हैं। उसमें मैंने कितनी गंदगी मचाई थी। ठीक है? एक बार एक्सप्लेनेशन समझ में आता था। फिर पता चलता था नहीं यह बात ऐसे नहीं है। ऐसे है। तो अभी एकदम सिंपलीफाई करके मैं तुम्हें बताता हूं। उसके लिए मुझे पेडेंट ऑफिस की वेबसाइट पर जाकर एफएक्यूस देखने पड़ेंगे। ठीक है। आई होप स्क्रीन इज विजिबल। यस। ओके। तो मैं एक बार मैं सर्च करता हूं यार यह एफएक्यूस वाली फाइल ना जरूर पढ़ना। मतलब इसमें तुम्हें अपने सारे सवालों के जवाब मिलेंगे। ठीक है? व्हाट इज अ पेटेंट? व्हाट इज द टर्म ऑफ़ अ पेटेंट? बहुत सिंपल से लेके बहुत एक्सट्रीम तक के क्वेश्चंस के सारे जवाब होते हैं इसमें। ठीक है? डज़ इंडियन पेटेंट गिव वर्ल्ड वाइड प्रोडक्शन? नो पेटेंट प्रेडिक्शन इज़ अ टेरिटोरियल राइट? एंड देयर फॉर इंटरव्यू के टाइम पर तो इसको जरूर जरूर ही पढ़ना। और एग्जाम के टाइम पर भी पढ़ना इसको। ठीक है? व्हाट टाइप्स ऑफ इन्वेंशंस आर नॉट पेटेंटेबल? पूरा सेक्शन थ्री का एक्सप्लेनेशन दिया है। ठीक है? व्हेन शुड एन एप्लीकेशन फॉर अ पेटेंट बी फाइल्ड? कैन एनी इन्वेंशन बी पेटेंटेड आफ्टर पब्लिकेशन और डिस्प्ले इन द पब्लिक एग्िबिशन? तो पूरा प्रॉपर आंसर दिया है। यह थ्योरी में भी यह सब क्वेश्चंस आ सकते हैं। ठीक है? जनरली पब्लिश और डिस्प्ले होने के बाद पेटेंट नहीं करवाई जा सकती। लेकिन क्या लिखा है? अंडर सर्टेन सरकमस्टेंससेस द पेटेंट एक्ट प्रोवाइड्स अ ग्रेस पीरियड ऑफ़ 12 मंथ्स फॉर फाइलिंग ऑफ पेटेंट एप्लीकेशन फ्रॉम द डेट ऑफ इट्स पब्लिकेशन इन अ जर्नल और इट्स पब्लिक डिस्प्ले एग्बिशन ऑर्गेनाइज्ड बाय गवर्नमेंट ये हमने पढ़ा हुआ है। ठीक है? फिर क्या पूछ रहा है? क्वेश्चन पूछ रहा है डस द पेटेंट ऑफिस? मतलब आपके मन में जो भी सवाल हैं या नहीं भी हैं उन सबके जवाब आपको मिल जाएंगे। डस द पेटेंट ऑफिस कीप इंफॉर्मेशन ऑफ द इन्वेंशन सीक्रेट? तो क्या बोल रहा है? यस ऑल द पेटेंट एप्लीकेशनेशंस आर केप्ट सीक्रेट अप टू पब्लिकेशन ऑफ द एप्लीकेशन इन द ऑफिशियल जर्नल व्हिच इज़ पब्लिश्ड एव्री वीक एव्री फ्राइडे को होता है एंड आल्सो अवेलेबल ऑन द आईपीओ वेबसाइट आफ्टर इट्स पब्लिकेशन पब्लिक कैन इंस्पेक्ट द डॉक्यूमेंट्स एंड आल्सो मे टेक द फोटो कॉपी ऑन पेमेंट ऑफ द फीस। क्या यह बात आप सबको पता थी? हां जी। ठीक है। ओके। राघव कौन से पेज नंबर पर है सर? यह पेटेंट ऑफिस की वेबसाइट है जो ipind.gov.in उस पे मिलेगा। मैं यह जो है पीडीएफ भी शेयर कर दूंगा ग्रुप में। ठीक ठीक ठीक। ठीक है? फिर देखो यह लिखा है वेयर वन कैन फाइंड द इनेशन रिलेटेड टू पब्लिश द इनेशन ऑफिशियल जनरल इशूड ऑन एव्री फ्राइडे। ठीक है? देयर इज़ आल्सो अवेलेबल इन द इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म। व्हाट आर द कंटेंट्स ऑफ पेटेंट ऑफ ऑफिस जर्नल। ठीक है? तो, इसमें यह सारे कंटेंट्स होते हैं। ओके? देखो, हु कैन अप्लाई फॉर अ पेटेंट? बताओ कौन से सेक्शन की बात हुई है यहां पे? बताओ बताओ। हु कैन अप्लाई फॉर पेट सिक्स। ठीक है? पहले ही तो है मतलब एक तरीके से सिक्स से ही पेटेंट एक्ट स्टार्ट होता है। पहले तो डेफिनेशंस और नॉट पेटेंटेबल वाला सब है। सिक्स में ही तो है पर्संस एंटाइटल्ड टू अप्लाई फॉर पेटेंट। ठीक है? कौन-कौन करता है? ट्रू एंड फर्स्ट इन्वेंटर करता है या फिर उसका असाइन करता है। आइदर अलोन करते हैं या फिर जॉइंटली करते हैं या फिर उसका डिजीज पर्सन का लीगल रिप्रेजेंटेटिव करता है। तो ये आप पढ़ोगे ना तो यू विल फील कि हां मुझे सब आता है। मैंने सब कुछ पढ़ रखा है यह सब। दिस इज़ टाइप ऑफ अ रिवीजन। ठीक है? यह देखो पूरा फाइलिंग प्रोसीजर दिया हुआ है। रजिस्ट्रेशन कैसे करना है? यूजर आईडी, पासवर्ड, वेबसाइट पर कैसे जाते हैं? डिजिटल सिग्नेचर। चलो, यह सब तो बाद की बातें हैं। ठीक है? यह मैंने आप लोगों को पढ़ा रखा है। व्हाट आर द टाइप्स ऑफ एप्लीकेशन? ऑर्डिनरी एप्लीकेशन। ऑर्डिनरी में दो तरीके से कर सकते हो। प्रोविजनल और कंप्लीट। फिर कम कन्वेंशन एप्लीकेशन, पेरिस कन्वेंशन वाली। फिर पीसीटी एप्लीकेशन, पीसीटी नेशनल फेज एप्लीकेशन, पेटेंट ऑफ एडिशन, डिवीजनल एप्लीकेशन। ठीक है? अब पूछ रहा है, इज इट नेसेसरी टू फाइल अ प्रोविजनल एप्लीकेशन? स्पेसिफिकेशन? अगर आपसे इंटरव्यू में कोई क्वेश्चन पूछेगा, तो आप यह जवाब दे सकते हैं। ठीक है? चलो अब आते हैं। इसके लिए मैंने इसको ओपन किया है। ठीक है। क्या कह रहा है? पहले एक्ट देखते हैं। बोल रहा है रेजिडेंट्स नॉट टू अप्लाई फॉर और इससे रिलेटेड बहुत सारे क्वेश्चंस ऑलमोस्ट पिछले सालों में सात से आठ क्वेश्चंस आए हुए हैं। रेजिडेंट्स नॉट टू अप्लाई फॉर पेटेंट्स आउटसाइड इंडिया विदाउट प्रायर परमिशन। ठीक है? अभी तुम लोग पहली बार सुनोगे तो तुम्हें इजी ही लगेगा। बट यहां तक पहुंचने में आई टूक अ लॉट ऑफ टाइम। तो क्या कहानी है इसकी कि पहले तो हमें यह समझना है कि रेजिडेंट का मतलब क्या है? रजनीश रेजिडेंट का मतलब क्या है मेरे भाई? रजनीश है ना? हां। हेलो हां हां बोलो भाई। हां राघव क्या पूछ रहे थे यार? नेटवर्क डिस्कनेक्ट। रेजिडेंट रेजिडेंट का मतलब क्या है? 182 डेज वो इंडिया में रिसाइड किया हो मतलब रह रहा हो 182 डेज हां तो देखो अगर हम कहते हैं सिटीजन ऑफ इंडिया तो ठीक है जो इंडिया का सिटीजन है समझ में आता है इंडियन सिटीजनशिप है जिसके पास इंडियन पासपोर्ट है। ठीक है बट अगर मैं रेजिडेंट की बात कर रहा हूं तो रेजिडेंट की एक डेफिनेशन आपको Google पर मिल जाएगी कि हु इज रेजिडेंट ऑफ इंडिया कंडीशन ठीक है तो जैसा कि रजनीश ने बताया कि अगर कोई भी इंसान इंडिया में 182 दिन से ज्यादा रह रहा है। ठीक है? उसको रेजिडेंट ऑफ इंडिया माना जाएगा। ठीक है? और और भी बहुत सारी कंडीशंस हैं कि इफ ही स्टेज फर्स्ट 60 डेज ड्यूरिंग द प्रीवियस ईयर एंड 365 डेज इन द प्रीवियस फोर इयर्स। तो यह सारी कंडीशंस हैं। तो कोई यह ना समझ ले कि रेजिडेंट का मतलब सिर्फ इंडियन सिटीजन ही होता है। ओके? ठीक। तो, यह समझ में आ गया। फिर बोल रहा है, रेजिडेंट्स नॉट टू अप्लाई फॉर पेटेंट्स आउटसाइड इंडिया विदाउट प्रायर परमिशन। अब लैंग्वेज में क्या लिखा है? नो पर्सन रेजिडेंट इन इंडिया शैल एक्सेप्ट अंडर द अथॉरिटी ऑफ अ रिटन परमिट सॉर्ट इन द मैनर प्रिस्राइब्ड एंड ग्रांटेड बाय और ऑन बिहाफ ऑफ द कंट्रोलर मेक और कॉस्ट टू बी मेड एनी एप्लीकेशन आउटसाइड इंडिया फॉर द ग्रांट ऑफ अ पेटेंट फॉर एन इन्वेंशन अनलेस। अब यहां पे क्या कह रहा है कि अगर कोई भी इन्वेंशन अगर इंडिया में हुई है, इंडियन रेजिडेंट ने की है, ठीक है? तो आप बाहर अप्लाई नहीं कर सकते विदाउट परमिशन ऑफ कंट्रोलर। ठीक है? अनलेस कब तक नहीं कर सकते? अनलेस एन एप्लीकेशन फॉर अ पेटेंट फॉर द सेम इन्वेंशन हैज़ बीन मेड इन इंडिया नॉट लेस देन सिक्स वीक्स बिफोर द एप्लीकेशन आउटसाइड इंडिया। ठीक है? अगर आपने इंडिया में पहले तो आपको इंडिया में ही सबसे पहले अप्लाई करना है। उन्होंने पहली शर्त तो यह दे दी कि आपको सबसे पहले इंडिया में ही अप्लाई करना है। ठीक है? और कंडीशंस क्या लगाई कि पहले तो आपको इंडिया में अप्लाई करना है। द एपिकेंट मस्ट फर्स्ट फाइल अ पेटेंट एप्लीकेशन इन इंडिया एंड देन वेट फॉर एटलीस्ट सिक्स वीक्स बिफोर फाइलिंग अब्रॉड। इंडिया में पहले फाइल करो। उसके बाद सिक्स वीक्स का वेट करो। ठीक है? अब यह सिक्स वीक्स का वेट करने का लॉजिक क्या है कि आप जैसे कल नीरज ने भी पूछा था ना जब मैंने उसको बोला था कि यार यूएस में फाइल हुई है तो कहां से फाइल हुई? इंडिया में फाइल हुई है या यूएस के बंदे ने फाइल की है? तो इस सिक्स वीक्स के पीरियड में इंडियन ऑफिस जो है इंडियन पेटेंट ऑफिस सिक्स वीक्स का टाइम क्यों लेता है? वह इसलिए लेता है यह चेक करने के लिए लेता है कि आपकी जो इन्वेंशन है क्या वह सीक्रेसी डायरेक्शन के क्लॉज़ में तो नहीं आती क्या वह एटॉमिक एनर्जी के क्लॉज़ में तो नहीं आती मींस सिक्योरिटी कंसर्न्स लाइक इट शुड नॉट बी रिलेटेड टू डिफेंस और एटॉमिक एनर्जी तो वो सिक्स वीक्स का टाइम लेते हैं। ठीक है? फिर आइदर हो गया यह। फिर और कंडीशन क्या है? द एपिकेंट मे रिक्वेस्ट अ फॉरेन फाइलिंग परमिट। ठीक है? एक फॉरेन फाइलिंग परमिट को फॉरेन फाइलिंग लाइसेंस बोलते हैं। एफएफएल बोलते हैं उसको और यह हमें मिलता है बाय यूजिंग फॉर्म नंबर 25। अभी हम रूल में भी पढ़ेंगे। ठीक है? पेशेंस के साथ सुनना थोड़ा इसमें टाइम लगेगा। तो फिर क्या कर सकते हैं कि एपिकेंट एक फॉरेन फाइलिंग लाइसेंस ले सकता है एफएफएल जिसको कि रिटन परमिशन बोलते हैं फ्रॉम द कंट्रोलर। इससे आप डायरेक्टली फाइल कर सकते हो बाहर विदाउट फर्स्ट फाइलिंग इन इंडिया। ठीक है? एक तो यह बात हो गई। फिर बोल रहा है इफ द इन्वेंशन इज़ कनेक्टेड टू डिफेंस और एटॉमिक एनर्जी। अगर इन्वेंशन डिफेंस और यहां पे क्या लिखा है? अगर डिफेंस और एटॉमिक एनर्जी से रिलेटेड है तो कंट्रोलर शैल नॉट ग्रांट द परमिट विदाउट द प्रायर कंसेंट ऑफ़ द सेंट्रल गवर्नमेंट। तो कंट्रोलर आपको परमिशन नहीं देगा सेंट्रल गवर्नमेंट से पूछे बिना। ठीक है? फिर यहां पे यह भी लिखा है द कंट्रोलर शैल डिस्पोज ऑफ एव्री सच एप्लीकेशन विद इन सच पीरियड। ठीक है? तो अगर आप फॉरेन फाइलिंग लाइसेंस की परमिशन मांग रहे हैं तो कंट्रोलर कुछ सर्टेन पीरियड में उसको डिस्पोज कर देगा। मतलब उस पीरियड में आपकी परमिशन को डिस्पोज कर देगा। डिस्पोज करने का मतलब ग्रांट करना नहीं होता। मतलब या तो ग्रांट करेगा आपको परमिशन या फिर आपकी परमिशन को होल्ड करेगा कि नहीं दिस इज़ रिलेटेड टू सी सिक्रेसी। इट शुड नॉट बी ग्रांटेड। ठीक है? अच्छा। फिर क्या बोल रहा है कि दिस सेक्शंस शैल नॉट अप्लाई इन रिलेशन टू एन इन्वेंशन फॉर वि एन एप्लीकेशन फॉर प्रोटेक्शन हैज़ बीन फर्स्ट फाइल इन अ कंट्री आउटसाइड इंडिया बाय अ पर्सन रेजिडेंट आउटसाइड इंडिया। अगर इंडियन रेजिडेंट नहीं है और वह फाइल कर रहा है तो इस सेक्शन का कोई लेना देना नहीं। हेडिंग क्या थी? रेजिडेंट्स नॉट टू अप्लाई फॉर पेटेंट्स आउटसाइड इंडिया। अब हम देखते हैं एफएक्यूस। ठीक है? क्या बोल रहा है कि इज इट मैंडेटरी टू ऑब्टेन प्रायर परमिशन फ्रॉम द पेटेंट ऑफिस टू फाइल एप्लीकेशन फॉर पेटेंट आउटसाइड इंडिया। ठीक है? क्वेश्चन सबको समझ आ गया। तो, इसका जवाब क्या दे रहा है? यस, इट इज़ मैंडेटरी फॉर इंडियन रेजिडेंट टू ऑब्टेन प्रायर परमिशन फ्रॉम द पेटेंट ऑफिस टू फाइल एप्लीकेशन फॉर पेटेंट आउटसाइड इंडिया। ठीक है? यह बात समझ में आती है कि इंडियन रेजिडेंट को पेटेंट ऑफिस से परमिशन लेनी पड़ेगी। ठीक है? फिर क्या बोल रहा है? ऑर्डिनरीली अंडर द फॉलोइंग सरकमस्टेंसेस इट इज नॉट नेसेसरी। ये मेन बात है। इट इज नॉट नेसेसरी टू ऑब्टेन प्रायर परमिशन फ्रॉम द पेटेंट ऑफिस टू फाइल पेटेंट एप्लीकेशन आउटसाइड इंडिया। ठीक है? तो किन-किन केसेस में आपको परमिशन नहीं लेनी पड़ेगी। अब यह बता रहा है। पहली चीज तो यह है कि आप इंडियन रेजिडेंट नहीं हो। तो आपको परमिशन लेने की जरूरत नहीं। भाई रेजिडेंट ही नहीं हो तो क्या जरूरत है परमिशन की? फिर इफ द एपिकेंट इज इंडियन रेजिडेंट अगर इंडियन रेजिडेंट आप हैं एंड फर्स्ट फाइल्ड पेटेंट एप्लीकेशन इन इंडिया ठीक है इंडिया में फाइल कर दीन आफ्टर सिक्स वीक्स फ्रॉम द फाइलिंग ऑफ़ सच एप्लीकेशन फाइल एन एप्लीकेशन फॉर एन बिफोर द सेम इन्वेंशन आउटसाइड इंडिया एंड नो सिक्रेसी डायरेक्शन इज़ इनवोक्ड द एक्ट इन रिलेशन टू दैट एप्लीकेशन। फिर क्या बोल रहा है कि आपको परमिशन तब भी लेने की जरूरत नहीं है अगर आप एक इंडियन रेजिडेंट हो और आपने सिक्स वीक्स का वेट किया है और उन सिक्स वीक्स में यह पाया गया है कि आपके इन्वेंशन पे कोई भी सिक्रेसी डायरेक्शन नहीं लगा हुआ है तब भी आपको परमिशन लेने की जरूरत नहीं है। फिर क्या है? इफ द इन्वेंशन फॉर व्हिच एन एप्लीकेशन फॉर प्रोटेक्शन हैज़ बीन फर्स्ट हैज़ बीन फाइल्ड इन अ कंट्री आउटसाइड इंडिया। ठीक है? अगर बाहर का बंदा है और दूसरी कंट्री में फाइल कर दिया है फिर क्या ही जरूरत है। ठीक है? फिर क्या बोल रहा है? अंडर अब एक और क्वेश्चन अंडर व्हाट सरकमस्ट्ससेस इट इज़ नेसेसरी टू ऑब्टेन अ प्रायर परमिशन। किस-किस सरकमस्टेंस में लेनी है परमिशन? तो कब लेनी है? जब एपेंट इंडियन रेजिडेंट हो। फिर एपिकेंट डज़ नॉट विश टू फाइल पेटेंट एप्लीकेशन इन इंडिया। अब अगर रेजिडेंट है और वो एपेंट इंडिया में फाइल ही नहीं करना चाहता। पहले उसको डायरेक्ट यूएसए में फाइल करना है। उसका मन ही नहीं है कि मैं इंडिया में फाइल करूं। उसको लगता है जो टेक्नोलॉजी मैंने बनाई है वो इंडिया में यूज़ नहीं होगी तो मैं इंडिया में अपना टाइम वेस्ट क्यों करूं। ठीक है? तो इस केस में आपको परमिशन लेनी पड़ेगी। अगर आपने फर्स्ट इंडिया में फाइल नहीं किया। फिर क्या बोल रहा है? इफ द एपेंट इज इंडियन रेजिडेंट अ पेटेंट एप्लीकेशन हैज़ बीन फाइल्ड इन इंडिया एंड 6 मंथ्स वीक्स पीरियड इज नॉट येट ओवर फ्रॉम द डेट। अगर आपने इंडिया में फाइल किया है और सिक्स वीक्स का पीरियड अभी एक्सपायर ही नहीं किया है तब भी आपको परमिशन लेनी पड़ेगी। समझ में आया है आप लोगों को? गाइस टेल मी यस और और बाकी लोग क्या-क्या समझ में आया मुझे बताओ। सर एक चीज पूछना था हम ये सिक्स वीक्स का टाइम जब खत्म होता है हम तो हमें क्या वो बताते हैं कि सीक्रेसी डायरेक्शन में आपका पेटेंट नहीं है मतलब आपका एप्लीकेशन नहीं है यार बताते इन द सेंस आप जब अप्लाई करने जाओगे ना तो उसी टाइम पे आपको इंटिमेशन मिल जाएगा कि उस आपको परमिशन ग्रांट हो जाएगी कि अगर परमिशन ग्रांट हो रही है इट मींस नहीं है। अगर परमिशन ग्रांट नहीं हो रही इट मींस है। ठीक है? कहने का मतलब अगर कोई रिस्पांस नहीं आता है हम। ठीक है? हां। सिक्स वीक्स तक मतलब नहीं है। मतलब हम कर सकते हैं। कर सकते हैं। ठीक है? ठीक। अब मेरे को कंफ्यूजन क्या होता था इसमें? क्योंकि एक्ट की जब आप लैंग्वेज पढ़ोगे तो उसने क्लेरिफाई नहीं की है चीजें। मुझे ऐसा लगता था कि अगर मैं एक इंडियन रेजिडेंट हूं और मैं बाहर अप्लाई करना चाह रहा हूं तो मुझे दोनों कंडीशंस फुलफिल करनी पड़ेंगी। मतलब सिक्स वीक्स का वेट भी करना पड़ेगा और उसके बाद फॉर्म 25 भी फाइल करना पड़ेगा। जो यह बार-बार परमिशन की बात हो रही है। यह परमिशन है फॉर्म नंबर 25। आप लोग अपनी बुक में देखो। यार मेरी बुक कहां चली गई? ठीक है? बुक में फॉर्म नंबर 25 आप लोग देखना एक बार। तो समझ आ रहा है? मतलब मुझे ऐसा लगता था कि सिक्स वीक्स तक वेट भी करना है। फिर उसके बाद फॉर्म 25 भी फाइल करना है। बट कंडीशन क्या है? दो चीजें हमें समझनी है कि अगर मैं इंडियन रेजिडेंट हूं तो मैं अगर डायरेक्टली बाहर अप्लाई करना चाहता हूं। डायरेक्टली मुझे सिक्स वीक्स का वेट नहीं करना। तब मुझे फॉर्म 25 फाइल करना है डायरेक्ट परमिशन लेने के लिए। आराम से समझो। ठीक है? इंडिया में अप्लाई नहीं करी है मैंने एप्लीकेशन और सिक्स वीक्स तक वेट ऑब्वियसली अब अप्लाई नहीं करी तो वेट कहां से करूंगा? और मैं वेट भी नहीं कर रहा हूं तो मुझे फॉर्म 25 की जरूरत पड़ेगी। ठीक है? फॉर्म 25 आपको परमिशन देगी। दूसरी कंडीशन यह है कि इंडिया में अप्लाई कर दिया है। आपने सिक्स वीक्स तक वेट कर लिया है। उसके बाद आप अप्लाई करो। फिर आपको फॉर्म 25 की जरूरत नहीं है। समझ में आ रहा है ना? यहां पे क्या लिखा है कि अंडर व्हाट सरकमस्टेंसेस इट इज़ नेसेसरी टू ऑब्टेन अ प्रायर परमिशन। तो दिस परमिशन इज़ गिवेन बाय यूजिंग फॉर्म नंबर 25। ठीक है? रेजिडेंट ऑफ इंडिया रिक्वायर परमिशन कब? इन सरकमस्टेंसेस में। जब आप एक इंडियन रेजिडेंट हो और आपने यू डज़ नॉट विश टू फाइल पेटेंट एप्लीकेशन इन इंडिया प्रायर टू फाइलिंग आउटसाइड इंडिया। इंडिया में आप पहले नहीं अप्लाई कर रहे हो। बाहर अप्लाई करना चाहते हो। ठीक है? और मान लो आपको अभी सिक्स वीक्स नहीं बीते। आपको तीसरे वीक में ही करना है। तब भी आपको क्या करना पड़ेगा? फॉरेन फाइलिंग लाइसेंस की परमिशन लेनी पड़ेगी। बात समझ में आ रही है? एबल टू अंडरस्टैंड ना ओके और अगर उसके पेटेंट में वही सिक्रेसी वाला कुछ हुआ तो कैसे वो अप्लाई कर ले फिर तो परमिशन मिलेगी नहीं नहीं देन यू कैन नॉट डू इसीलिए फॉरेन फाइलिंग लाइसेंस है क्या मतलब फॉरेन फाइलिंग लाइसेंस फॉर्म 25 को बोलते हैं जो फॉर्म 25 है उसी को एफएफएल बोला जाता है। मींस फॉरेन फाइलिंग लाइसेंस या फॉरेन फाइलिंग फॉरेन फाइलिंग परमिशन फॉर्म। ठीक है? अगर आपको कहीं भी फॉरेन फाइलिंग लाइसेंस वर्ड आ रहा है देन इट इज नथिंग बट फॉर्म नंबर 25। फॉर्म 25 की हेडिंग क्या है? एक सेकंड रुको मैं बुक ले आता हूं। किस पेज पर है? फॉर्म 25 पेज नंबर पेज नंबर 177 पे है। ठीक है? रिक्वेस्ट फॉर परमिशन फॉर मेकिंग पेटेंट एप्लीकेशन आउटसाइड इंडिया। ठीक है? टाइटल वाइटल लिखना है, नेम एंड एड्रेस लिखना है। ठीक है? नेम एंड एड्रेस ऑफ़ असाइन ही लिखना है। टू बी साइन बाय द एपेंट। और बस फीस वगैरह के लिए आपको फर्स्ट शेड्यूल को रेफर करना है। ठीक है? क्या लिखा है? आई वी रिक्वेस्ट वी मे बी ग्रांटेड परमिशन टू मेक एप्लीकेशन एप्लीकेशन फॉर द सेड इन्वेंशन इन द सेड कंट्रीज द रीज़ंस फॉर मेकिंग दिस एप्लीकेशनेशंस आर। ठीक है? तो, यह है फॉर्म 25। जैसे इसने यहां पे क्लेरिफाई किया है कि परमिशन कब नहीं चाहिए? परमिशन तब नहीं चाहिए कि अगर एपेंट इंडियन रेजिडेंट है और उसने इंडिया में अप्लाई कर लिया है देन आफ्टर सिक्स वीक्स फ्रॉम द फाइलिंग ऑफ सच एप्लीकेशन फाइल एन एप्लीकेशन फॉर द सेम इन्वेंशन आउटसाइड इंडिया एंड नो सिक्रेसी डायरेक्शन। ठीक है? उसने पूरा सिक्स वीक्स का वेट किया है और उस वेट करने के बाद उसको यह पता चला है कि उसकी एप्लीकेशन में कोई भी सीक्रेसी डायरेक्शन नहीं है। देन ही कैन डायरेक्टली अप्लाई आउटसाइड इंडिया। एवरीबडी इज क्लियर ना? किसी के मन में जो भी सवाल हो पूछ लो। सवाल आने चाहिए मन में। ऐसा होगा तो क्या होगा? बताओ। अच्छा एक बार फिर से बताता हूं। आराम से समझते हैं। पहली कंडीशन क्या है कि इंडियन रेजिडेंट विदाउट प्रायर परमिशन फाइल नहीं कर सकते आउटसाइड। ठीक है? पहली बात वह यह बोल रहा है कि अगर इंडिया में आपने एप्लीकेशन की है तो आपको सिक्स वीक्स का वेट करना पड़ेगा। आप सिक्स वीक्स वेट कीजिए। उसके बाद आपकी एप्लीकेशन में अगर कोई सीक्रेसी डायरेक्शन नहीं पाया जाता है तो आप डायरेक्टली इंडिया के बाहर अप्लाई कर सकते हैं। आपको कोई नहीं रोक रहा। ठीक है? फिर यह बोल रहा है कि अगर आपको इंडिया में अप्लाई करना ही नहीं है और डायरेक्टली बाहर जाना है तो आपको फॉरेन फाइलिंग लाइसेंस यानी कि फॉर्म नंबर 25 की जरूरत पड़ेगी। ठीक है? टू अप्लाई आउटसाइड इंडिया। आपको डायरेक्टली करना है तो आपको फॉर्म 25 लगेगा। ठीक है? आप फॉर्म 25 नहीं देना चाहते। आप पैसे वेस्ट नहीं करना चाहते। आपके पास टाइम है तो यू हैव टू जस्ट वेट फॉर अ पीरियड ऑफ़ सिक्स वीक्स। अच्छा यह फॉरेन फाइलिंग लाइसेंस क्या करता है? आप डायरेक्टली अप्लाई कर रहे हो तो सिक्स वीक्स तक जब टाइम मिलता है सिक्स वीक्स का तो उस बीच में तो पेटेंट ऑफिस आपके इन्वेंशन को चेक कर लेता है। ठीक है? बट जब आप डायरेक्टली अप्लाई कर रहे हो तो फॉर्म 25 के थ्रू वो परमिशन ग्रांट करता है। तब उसको पता चलता है कि आप डायरेक्टली बाहर अप्लाई करना चाहते हो और वह फॉर्म 25 के थ्रू फिर आपके इन्वेंशन को सिक्रेसी डायरेक्शन के थ्रू चेक कर लेता है। तो बस दो ही बातें हैं मोटी-मोटी कि टू अप्लाई आउटसाइड इंडिया फर्स्ट फाइल इन इंडिया देन वेट फॉर सिक्स वीक्स। इफ एवरीथिंग इज़ ओके गुड टू गो। इफ यू डोंट वांट टू वेट फॉर सिक्स मंथ्स सिक्स वीक्स देन टेक अ परमिशन बाय यूजिंग फॉर्म नंबर 25 ठीक है अभी सही है और यह सब बातें सिर्फ रेजिडेंट्स पे ही लागू होती हैं। रेजिडेंट का मतलब सिटीजन बिल्कुल नहीं होता। ठीक है? एक यूएस का बंदा भी अगर इंडिया में आके 6 महीने से ज्यादा 182 डेज से ज्यादा रिसाइड कर रहा है। एग्जाम में जब आपसे क्वेश्चन आएगा तो वह ऐसे लिखेगा कि सम सिटीजन ऑफ यूएस और सम सिटीजन ऑफ यूरोप इज रिसाइडिंग इन इंडिया। तो आप समझ जाओगे कि वह इंडियन रेजिडेंट है। जरूरी नहीं कि वो आपको बताए कि 182 दिन से ज्यादा रह रहा है। अगर वो यह लिख रहा है कि रिसाइडिंग इन इंडिया देन यू शुड अंडरस्टैंड दैट ही इज नाउ बीइंग कंसीडर्ड अ इंडियन रेजिडेंट। ठीक है? तो हमें इस केस में भी फॉर्म थ्री देना पड़ेगा। फॉर्म थ्री देखो जब आप डायरेक्टली बाहर अप्लाई कर रहे हो तो फॉर्म थ्री तो देना ही पड़ेगा। क्यों नहीं देना पड़ेगा? क्योंकि आप इंडियन उसमें हो ना इंडियन एप्लीकेशन के अंडर में आ रहे हो ना तो आपको यह बताना पड़ेगा कि हां मैंने इस इस इन्वेंशन के लिए बाहर अप्लाई किया है। देखो फॉर्म थ्री कब नहीं देना है अपूर्व। फॉर्म थ्री तब नहीं देना है मेरे भाई जब आप डायरेक्टली बाहर अप्लाई कर दिए। तब तो फॉर्म थ्री की कोई जरूरत ही नहीं है। जब आपने पहले इंडिया में किया, फिर सिक्स वीक्स वेट किया, फिर बाहर किया तब तो आपने इंडिया में कर लिया और जब आप इंडिया में करते हो तो फॉर्म थ्री देना कंपलसरी है। अगर आप अगर वो परमिशन लगे करेंगे तो नहीं देना है। हां। अगर डायरेक्ट डायरेक्ट वाली परमिशन आपको मिल गई है। आप डायरेक्ट यूएस में अप्लाई कर रहे हो तो उनको फॉर्म थ्री की कोई जरूरत नहीं। फॉर्म थ्री की जरूरत कब पड़ती है? जब आप इंडिया में अप्लाई करते हो तो पेटेंट ऑफिस देखता है ना कि भाई तुम्हारे बाहर के एप्लीकेशन के साथ क्या हो रहा है उस हिसाब से हम तुम्हें ग्रांट करेंगे। जब वो इंडिया में चाहता ही नहीं है। डायरेक्ट बाहर जा रहा है उसको फॉर्म 25 से परमिशन मिल गई। फिर ना फॉर्म वन करना है ना फॉर्म टू करना है ना कोई कोई फॉर्म नहीं करना। फिर तो बाहर का जो भी यूएस का रूल होगा उसके अकॉर्डिंग वो अपनी एप्लीकेशन फाइल करेगा। पीसीटी के थ्रू करेगा ऑब्वियसली या पेरिस कन्वेंशन जैसे भी करेगा। ठीक। ठीक है। गुड क्वेश्चन। तो दीपक सर क्लियर है ना आपको भी? यस राघव। ओके। फिर यहां पे लिखा है द कंट्रोलर शैल डिस्पोज ऑफ एव्री से। चलो ठीक है। रूल्स एक साथ ही पढ़ते हैं। अभी इसका भी तो रह गया है कि सीक्रेसी डायरेक्शन कितने टाइम के बाद यह रिकंसीडर होगा। ठीक है? तो अब मैं इस पर आगे बढ़ जाता हूं। आई होप सबको क्लियर है। मेरे यही डाउट्स रहते थे कि यार सिक्स वीक्स तक वेट भी करना है। उसके बाद भी फॉर्म 25 लगेगा क्या? इस चीज ने मुझे काफी परेशान किया था और बहुत ढूंढा मैंने Google पर सब जगह। इस चीज का मुझे जवाब नहीं मिला था। और भी एक दो डाउट्स थे। ठीक है? ओके। सो आई होप एवरीबडी इज क्लियर। एक सेकंड रुकना। देखो मैं दिखाता हूं तुम लोगों को। मतलब काफी गंदे हैं। अपने नोट्स दिखाता हूं। एक पेज में इतनी बार काट के फिर दोबारा दोबारा लिखना पड़ता था। ठीक है। तो जो यह वाला पेज है ना एक रेड रेड कलर से लिखा है। यह गलत है। उसके बाद यह वाला लिखा है। उसके बाद इसमें ऐसे साइड से ब्लॉक बना के जो लिखा है ना कि दिस इज राइट। तो फिर इस कंक्लूजन पर पहुंचा था मैं। ठीक है देखना इसको समझ में आएगा और अच्छे से ओके सो आगे बढ़े अब फिर बोल रहा है लायबिलिटी फॉर कंट्रावेंशन ऑफ सेक्शन 35 और सेक्शन 39 ठीक है ओके तो क्या बोल रहा है लायबिलिटी फॉर कंट्रीवेंशन ऑफ सेक्शन 35 और 39 इसका मतलब क्या है इसका मतलब है बहुत ही सिंपल सा यह कि एक सेकंड यार। हां। तो लायबिलिटी का मतलब क्या है? लायबिलिटी मींस कि अगर आपने इन सेक्शंस को नहीं माना। जैसे कि सेक्शन 35 क्या है? सीक्रेसी डायरेक्शन। ठीक है? अब गवर्नमेंट ने बोल दिया, कंट्रोलर ने बोल दिया, पब्लिश नहीं करना है। आपको ज्यादा जल्दी थी। आपने जाके वेबसाइट पे पब्लिश कर दिया। आप उसको सीक्रेट रखना ही नहीं चाह रहे। या फिर सेक्शन 39 की अह विदाउट परमिशन या विदाउट सिक्स वीक्स वेट करने के बाद भी आप फाइल नहीं कर रहे हो। तो क्या है? आप अगर सिक्स वीक्स वेट नहीं कर रहे हो और आप डायरेक्ट फाइल कर दे रहे हो पीसीटी या मतलब इन बातों का उल्लंघन कर रहे हो। सेक्शन 35 और सेक्शन 39 दीज़ आर वेरी स्ट्रिक्ट सेक्शंस। क्यों? क्योंकि सिक्रेसी डायरेक्शन और विदाउट परमिशन इंडिया के बाहर फाइल करना इज़ वेरी रिस्की। कोई भी डिफेंस की इन्वेंशन बाहर नहीं जानी चाहिए। पेडेंट ऑफिस आपसे यह उम्मीद करता है और आपने अगर इस बात का उल्लंघन किया तो क्या किया जा सकता है आपके साथ यह बताया जा रहा है। तो अगर आपने सेक्शन 35 यानी सिक्योरिटी डायरेक्शन सेक्शन 39 यानी कि फॉरेन फाइलिंग रेस्ट्रिकशंस जो हैं उनको वायलेट करते हो तो क्या होगा आपके साथ? फिर अबंडेंट और रिवोक्ड वर्ड्स आएंगे। तो इनको ध्यान रखना कहां पे कौन सा वर्ड है? क्या लिखा है? अगर आप ऐसा करते हैं तो आपकी एप्लीकेशन अगर फाइल्ड है तो वह अबेंडन कर दी जाएगी और अगर पेटेंट ग्रांट हो चुका है तो वह रिवोक कर दिया जाएगा। ठीक है? समझ आ रही है बात? अगर आपकी एप्लीकेशन आपने फाइल कर रखी है। मान लो अभी ग्रांट नहीं हुई है तो आपकी एप्लीकेशन अबंडेंट हो जाएगी और विल बी डीम्ड टू बी अबेंडेंट। मींस ऐसा माना जाएगा कि आपने कभी भी एप्लीकेशन फाइल की ही नहीं थी। इट इज इट विल बी ट्रीटेड एज इफ इट वाज नेवर फाइल्ड। ठीक है? अबंडेंट का मतलब खत्म ओवर। ठीक है? और अगर ग्रांट हो गया है तो देखो रिवोकेशन वाला क्लॉज़ तो सबको याद रहेगा। रिवोकेशन वाला क्लॉज़ क्यों याद रहेगा? क्योंकि रेवोकेशन के क्लॉज़ में क्या है कि रिवोकेशन हमेशा ग्रांट के बाद ही होता है। तो अगर ग्रांट हो गई है तो रिवोक कर दी जाएगी। ठीक है? तो दिस इज वेरी स्ट्रिक्ट कंप्लायंस विद रिलेट रिलेशन टू सेक्शन 35 एंड सेक्शन 39। ठीक है? फिर क्या बोल रहा है? फाइनलिटी ऑफ ऑर्डर्स ऑफ कंट्रोलर एंड सेंट्रल गवर्नमेंट। ठीक है? तो ये बहुत ही सिंपल सी चीज है। क्या लिख रहा है? ऑल ऑर्डर्स ऑफ़ हां हां हां ये रिवोक वाला समझ में नहीं आया। मतलब सिक्योरेसी डायरेक्शन का हमने उल्लंघन किया। हम तो ग्रांट ही नहीं होनी चाहिए। नहीं नहीं जैसे समझ नहीं रहे हो तुम। सिक्रेसी डायरेक्शन का उल्लंघन किया तो ग्रांट नहीं होनी चाहिए। ठीक है? इट्स ओके। बट ऐसा भी तो हो सकता है कि आपको पेटेंट ग्रांट हो चुका है और बाद में पेटेंट ऑफिस को यह पता चल रहा है कि सिक्रेसी डायरेक्शन के पीरियड के टाइम पे ही आपने यूएस में एक कॉपी भेज दी थी। अच्छा किसी ने शिकायत कर दी। ऐसा भी हो सकता है ना? अच्छा उनको बाद में भी पता चलता है। पहले कुछ गलती करी है तो क्यों? यह अपोजिशन के टाइम पे कोई भी यह सब कर सकता है। उनका तो लोगों का तो मकसद ही यही होता है ना कि आपके पेटेंट आपको ग्रांट ना हो। उनको ग्रांट हो जाए तो सारी राइट्स उनको मिल जाए। जनरली आपके कॉम्पिटिटर्स क्या चाहते हैं कि आपको पेटेंट नहीं मिलना चाहिए। दैट इज देयर मोन मेन मोटिव। ठीक है? तो अभी जब आप यह रेवोकेशन पढ़ोगे तो उसमें यह एक ग्राउंड भी आएगा। ठीक है? अभी रेवोकेशन नहीं पढ़ा। रेोकेशन हम पढ़ेंगे सेक्शन 64 में व्हाट इज द डिफरेंस बिटवीन रेवोकेशन एंड पोस्ट ग्रंट अपोजिशन कोई बताएगा नहीं दोनों तो अलग-अलग चीज है ना रिवोकेशन तो कंट्रोलर करेगा और पोस्ट ग्रैंड अपोजिशन तो कोई कर सकता है नहीं नहीं मतलब इंटरेस्टेड पर्सन कर सकता है इंटरेस्टेड पर्सन कर सकता है दोनों का रिजल्ट क्या है दोनों का मोटिव क्या है कि ग्रांट आपके आपसे पेटेंट छीन जाए। आपसे पेटेंट छीन जाए। ठीक है? तो दोनों में डिफरेंस यह है कि पोस्ट ग्रांट अपोजिशन जो है वो आप ग्रांट के एक साल बाद ही कर सकते हो। मतलब ग्रांट होने के एक साल के अंदर-अंदर ही रेवोकेशन के थ्रू आप पेटेंट को रिवोक कभी भी कर सकते हो ग्रांट के। ठीक है? और डिफरेंस है कि पोस्ट ग्रांट अपोजिशन विल बी हैंडल्ड बाय द कंट्रोलर एंड रेवोकेशन विल बी हैंडल्ड बाय द कोर्ट। ठीक है। चलो इस पर आएंगे। अभी दोनों को एक साल में करेंगे। समझा नहीं मैं दोनों को इन द सेंस मतलब रेवोकेशन हम ग्रांट होने के वन ईयर तक करते हैं। पोस्ट ग्रांट ऑोजिशन कोर्ट में पोस्ट ग्रांट ऑोजिशन। अच्छा पोस्ट ग्रांट ऑोजिशन को वन ईयर तक करते हैं। व्हाट अबाउट रेवोकेशन रेवोकेशन कैन बी डन एनी टाइम। ठीक है? दोनों का मेन मोटिव ये है कि आपको पेटेंट ग्रांट हो गया है और वो रिवोक हो जाए, कैंसिल हो जाए। तो पोस्ट ग्रांट अपोजिशन में हमें एंड द ओनली डिफरेंस इज कि रेवोकेशन कोर्ट में होगा और पोस्ट ग्रांट ऑपोजिशन कंट्रोलर करेगा। हां, कंट्रोलर करेगा पेटेंट ऑफिस में। एंड द मेन डिफरेंस इज़ कि पोस्ट ग्रांट अपोजिशन में हमने यह पढ़ा है कि जब भी ग्रांट होता है उसके एक साल के अंदर-अंदर ही हम पोस्ट ग्रांट अपोजिशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। बट रेवोकेशन के लिए हम कभी भी अप्लाई कर सकते हैं। 5 साल हो गए आपके पेटेंट को ग्रांट हुए। उसके बाद भी आपका पेटेंट रिवोक किया जा सकता है। तो फिर हमें रेवोकेशन के रास्ते से जाना पड़ता है। गॉट इट? ओके। तो अभी हम पढ़ेंगे डिटेल में पढ़ेंगे रेवोकेशन क्या है? ठीक है? तो अभी बस यही बताया है नीरज। ओके है ना कि रिवोक कर दिया जाएगा अगर ग्रांट हो गया है तो। ठीक है? हां हां। रिवोक पोस्ट ग्रांट अपोजिशन से भी हो जाता है और रिवोकेशन से तो होता ही होता है। रिवोक होने का मतलब है ग्रांट हो गया है और ग्रांट होने के बाद आपका पेडेंट कैंसिल हो जाए। इसको बोलते हैं रेवोकेशन। तो पोस्ट ग्रांट अपोजिशन भी रेवोकेशन ही करती है। ठीक है? ओके। ठीक है। फाइनलिटी ऑफ़ ऑर्डर्स ऑफ कंट्रोलर एंड सेंट्रल गवर्नमेंट। क्या बोल रहा है? ऑल ऑर्डर्स ऑफ़ द कंट्रोलर गिविंग डायरेक्शंस एस टू सिक्रेसी एज वेल एज ऑर्डर्स ऑफ़ द सेंट्रल गवर्नमेंट अंडर दिस चैप्टर शैल बी फाइनल एंड शैल नॉट बी कॉल्ड इन क्वेश्चन इन एनी। ठीक है? यह हमने पढ़ा भी है कि को अगर कंट्रोलर कुछ दे दे ऑर्डर वगैरह तो उसको अपील नहीं कर सकते। तो यहां पे उन्होंने उसी बात को रिट्रेट किया है कि इस कंट्रोलर और सेंट्रल गवर्नमेंट का जो भी ऑर्डर है सिक्रेसी डायरेक्शन से रिलेटेड वो फाइनल ऑर्डर होगा और उस ऑर्डर के लिए आप कोर्ट का दरवाजा नहीं खटखटाएंगे। ठीक है? किसी भी ग्राउंड से रिलेटेड आप नहीं जा सकते। सिक्रेसी डायरेक्शन के किसी भी ग्राउंड को आप कोर्ट में लेके नहीं जा सकते। अंडर दिस चैप्टर शैल बी फाइनल एंड शैल नॉट बी कॉल्ड इन क्वेश्चन इन एनी कोर्ट और एनी ग्राउंड व्हाट सोवर। ठीक है? ट्रू फॉल्स के लिए ये सब लाइनें एकदम दिमाग में रखना अपने। ठीक है? इस पे एक क्वेश्चन आया भी था। हां। सेक्शन 37 से अपील नहीं कर सकते और कंट्रोल ग्रांट से मना नहीं कर सकता। मना नहीं कर सकता। 25 वाले पेपर में देखा रजनीश या उससे पहले यार वही क्वेश्चन आप ही ने भेजा था वो मैं क्वेश्चन आपने पिछली क्लास में भेजा था। ठीक है? ठीक है। ठीक है। अच्छा अब देखो सेविंग रिस्पेक्टिंग डिस्क्लोज़र टू गवर्नमेंट। ठीक है? काफी अजीब सी लैंग्वेज है। एक ये क्या लैंग्वेज हुई? सेविंग्स रिस्पेक्टिंग डिस्क्लोज़र टू गवर्नमेंट। देखो इस बात का मतलब क्या है? नॉर्मली क्या होता है कि जो पेटेंट एप्लीकेशनेशंस होती हैं वो कॉन्फिडेंशियल रखी जाती हैं। कब तक बताओ? जब तक उसका सीक्रेसी डायरेक्शन लगा हुआ है। जब तक पब्लिकेशन नहीं होता। हां भाई पब्लिकेशन नहीं हो रहा है। 18 महीने तक आपकी एप्लीकेशन को सीक्रेट रखते हैं। पब्लिक को नहीं बताते हैं। बट यह सेक्शन एक एक्सेप्शन दे रहा है गवर्नमेंट को। देखो क्या कह रहा है कि जैसा मतलब पेटेंट के प्रति जैसा किसी अदर पर्सन के लिए नेचर है वैसा ही गवर्नमेंट के लिए। गवर्नमेंट कोई एक्सेप्शन नहीं है। यह नहीं है कि 18 महीने तक हम किसी को डिस्क्लोज़ नहीं कर सकते। तो हम गवर्नमेंट को भी डिस्क्लोज़ नहीं कर सकते। ठीक है? 18 महीने तक सबसे छुपा के रखना है। बट ये सेक्शन एक एक्सेप्शन है कि नॉर्मली क्या होता है कि कभी भी कोई भी इन्वेंशन डिस्क्लोज़ नहीं की जाती 18 मंथ्स तक। बट इस सेक्शन में क्या एक्सेप्शन है कि जो कंट्रोलर है वह आपके पेटेंट एप्लीकेशन की जो इंफॉर्मेशन है जो स्पेसिफिकेशन में इंफॉर्मेशन है उसको गवर्नमेंट को डिस्क्लोज़ कर सकता है 18 महीने से पहले भी ओनली फॉर द पर्पस ऑफ चेकिंग सीक्रेसी डायरेक्शन ठीक है मींस जो कॉमन रूल है कि 18 महीने तक किसी को नहीं दिखाना ठीक है तो 18 महीने से पहले गवर्नमेंट को दिखाया जा सकता है वह यहां पे यह चीज स्पेसिफाई कर रहा है कि आप पेटेंट ऑफिस पर यह क्वेश्चन ना कर दो कि पेटेंट लॉ में तो यह लिखा है कि 18 मंथ्स तक किसी को नहीं दिखाना। तो आपने गवर्नमेंट को कैसे दिखा दिया? ठीक है? तो इस चैप्टर के अंदर आप गवर्नमेंट को डिस्क्लोज़ कर सकते हैं। मतलब कंट्रोलर कर सकता है ओनली टू चेक व्हाट? सिक्रेसी डायरेक्शन। ठीक है? तो एक कंट्रोलोल्ड डिस्क्लोज़र मिलता है गवर्नमेंट को फॉर द नेशनल सिक्योरिटी रीजंस। ठीक है? गॉट इट? मींस द कॉन्फिडेंशियलिटी का जो रूल है वह गवर्नमेंट के लिए रिलैक्स कर दिया गया है इस सिचुएशन में। आगे आप पढ़ोगे सेक्शन 156 एक मिसलेनियस सेक्शन है। वो यह कहता है कि गवर्नमेंट के खिलाफ भी पेटेंट का वही अधिकार है जो किसी और के खिलाफ है। ठीक है? मतलब गवर्नमेंट भी पेटेंट से बंधी हुई है। ऐसा नहीं है कि 18 महीने तक किसी को नहीं दिखा सकते। बट गवर्नमेंट देख ले जब मर्जी आए। नहीं। गवर्नमेंट भी नहीं देख सकती। वह सिर्फ तभी देखेगी जब सीक्रेसी डायरेक्शन का कंफ्यूजन होगा। ओके? सो दिस वास ऑल अबाउट चैप्टर नंबर से। नाउ लेट्स सी द रूल्स। मुझे एक डाउट है हां जी बताएं। जब हम पब्लिकेशन की बात करते हैं कि 18 मंथ्स होगा तो वो विदिन 18 मंथ्स है या फिर जब 18 मंथ एक्सपायर हो गए उसके बाद करना है देखो जब हम पब्लिकेशन की बात करते हैं तो विदिन 18 मंथ्स नहीं है 18 मंथ्स तक तो पब्लिश होगा ही नहीं फिर उसके 1 महीने के अंदर कभी भी हो सकता है मतलब 18 महीने तक तो हो ही नहीं सकता। ठीक है? तो 18 महीने के बाद का जो वन मंथ है उसके अंदर पब्लिश उसके अंदर कभी भी हो जाएगा। किसी भी फ्राइडे को हो जाएगा। बट सीक्वेंस ऑर्डर में होगा आपका। हम बट बट एग्जामिनेशन के केस में ऐसा नहीं है। एग्जामिनेशन विद इन 31 मंथ्स ही करना है। ओके। ठीक। ठीक है हम मुझे अभी अर्ली पब्लिकेशन कब होगा क्या कह रहा है भाई सिक्स मंथ्स हां क्या कह रहा है क्या कह रहा है अपूर्फ अर्ली पब्लिकेशन अर्ली पब्लिकेशन तो आप कभी भी कर सकते हो जैसे आपने कंप्लीट स्पेसिफिकेशन फाइल कर दी उसके बाद आप अर्ली पब्लिकेशन की रिक्वेस्ट डाल दो फॉर्म नाइन के थ्रू तो जब भी आप अर्ली पब्लिकेशन की रिक्वेस्ट डालोगे तो उस रिक्वेस्ट के डालने के 1 महीने के अंदर-अंदर हो जाएगा अच्छा ठीक देखो इसमें एग्जामिनेशन का था क्या कि मिनिमम सिक्स मंथ्स होने चाहिए एग्जामिनेशन में मिनिमम सिक्स मंथ्स कब बात बोली वो तो अर्ली एग्जामिनेशन एफआर नहीं वो अच्छा कंफ्यूज हो रहे हो तुम लोग वो मेरे भाई ये बोला था कि सिक्स मंथ से पहले ग्रांट नहीं हो सकता ये बोला था पब्लिकेशन होने के 6 महीने ऐसा नहीं कि आपने आज पब्लिकेशन मान लो आपने 12 महीने के अंदर कंप्लीट फाइल करी फिर आपने 13व महीने में अर्ली पब्लिकेशन करवा लिया। अब यह नहीं कि आप 14व महीने में ग्रांट करवा लो। पब्लिकेशन होने के सिक्स मंथ्स तक रुकना पड़ता है। तभी ग्रांट होता है। यह बात थी। देखो मान आपने जो पूछा वो यह है। द पीरियड फॉर व्हिच एन एप्लीकेशन फॉर अ पेटेंट शैल नॉट ऑर्डिनरीली बी ओपन टू द पब्लिक शैल बी 18 मंथ्स फ्रॉम द डेट ऑफ फाइलिंग। मींस 18 मंथ्स तक पब्लिक के लिए ओपन नहीं होगी वह एप्लीकेशन। ठीक है? उसके बाद क्या है? द कंट्रोलर शैल पब्लिश द एप्लीकेशन इन द जर्नल ऑर्डिनरी बी वन मंथ फ्रॉम द डेट ऑफ एक्सपायरी ऑफ़ दैट पीरियड। मींस जब 18 मंथ्स का पीरियड एक्सपायर हो जाएगा उसके वन मंथ के अंदर-अंदर पब्लिकेशन हो जाएगा। और और वन मंथ फ्रॉम द डेट ऑफ रिक्वेस्ट फॉर पब्लिकेशन। मींस अगर अर्ली पब्लिकेशन की रिक्वेस्ट डाली है तो जिस भी दिन आपने रिक्वेस्ट डाली है उसके वन मंथ के अंदर-अंदर हो जाएगा। क्वेश्चन है क्लियर है? बड़ा अजीब है। हां हां बोलो। हां कि बेयर मिनिमम टाइम क्या है? हम किसी भी एप्लीकेशन का ग्रांट होने का। बेयर मिनिमम टाइम बेयर मिनिमम टाइम कुछ नहीं। बेयर बेयर मिनिमम टाइम कुछ नहीं है। बेयर मिनिमम टाइम कुछ इसलिए नहीं है। ये क्वेश्चन बहुत लोगों ने पूछा है। बेयर मिनिमम टाइम इसलिए नहीं है क्योंकि वो बोल रहा है कि जब भी पब्लिकेशन होगा उसके 6 महीने से पहले पहले ग्रांट नहीं हो सकती। ठीक है? बट ग्रांट तक ले जाने के लिए भी तो काफी सारे प्रोसीजर होते हैं। आपने सपोज़ करो एक सिचुएशन दे रहा हूं मैं। 12 महीने तक कंप्लीट स्पेसिफिकेशन मींस एक साल तो कंप्लीट स्पेसिफिकेशन का ही लग जाता है। फिर आप मान लो आपने 14th मंथ में अर्ली पब्लिकेशन की रिक्वेस्ट डाली तो आपने अर्ली पब्लिकेशन की रिक्वेस्ट डाली। वो 1 महीना लेगा अर्ली पब्लिकेशन के केस में भी पब्लिश करने में। 1 महीने के अंदर-अंदर हो जाएगा। ठीक है? उसके बाद आप एग्जामिनेशन की रिक्वेस्ट डालोगे। तो अब आप एग्जामिनेशन की रिक्वेस्ट डाल रहे हो जब तो आप एक्सपिडाइटेड एग्जामिनेशन डाल रहे हो। तो एक्सपिडाइटेड एग्जामिनेशन में भी तो टाइमलाइंस हैं कि 2 महीने कंट्रोलर लेता है। फिर एक महीना ये लेता है। फिर एफआर आएगा। फिर एफआर का आपको सिक्स मंथ्स के अंदर करना है। मान लो एफआर आपने 2 दिन के अंदर ही रिप्लाई कर दिया। समझ आ रही है बात? हम तो ये सारी प्रोसीजर के थ्रू आप ग्रांट तक जाते हो। बट बेयर मिनिमम ऐसा कुछ टाइमलाइन नहीं है। बट उसने ये बता दिया कि छह पब्लिकेशन के सिक्स मंथ्स से पहले पहले तो हो ही नहीं सकता। उसके बाद ही होगा। अब वो सेवंथ में हो, अब वो एथ में हो, अब वो नाइंथ में हो। इट डिपेंड्स ऑन द केस मतलब आपको एफआर और इस सब में कितना टाइम लग रहा है। बट मिनिमम कंडीशन इज कि 6 मंथ्स पब्लिकेशन के एक्सपायर होने से पहले पहले नहीं हो सकता। जब भी आपने आज पब्लिकेशन करवाया तो कम से कम 6 महीने तक तो ग्रांट नहीं होगा। उसके बाद कितना भी जल्दी हो सकता है। सातवें महीने में हो जाए या आठवें महीने में हो जाए। डिपेंड्स हम हम हम हां जी अभी क्लियर है सबको सारे डाउट्स और पूछो ठीक है ना? समझ में आया पब्लिकेशन का कंफ्यूजन और ये कब तक ग्रांट कितना जल्दी ग्रांट कर सकते हैं? तो सिक्स मंथ्स तक तो नहीं हो सकता। उसके बाद इट डिपेंड्स ऑन योर केस। ओके। मैं भटक जाता हूं। कहां था मैं? क्या पढ़ा रहा था? हां। इसके रूल्स बताने थे। यह चैप्टर नंबर कौन सा कर रहे हैं हम? चैप्टर से कर रहे हैं। चैप्टर से रिलेटेड रूल्स हैं यह सिक्रेसी डायरेक्शन वाले। ठीक है? तो, परमिशन फॉर मेकिंग पेटेंट एप्लीकेशन आउटसाइड इंडिया अंडर सेक्शन 39 द रिक्वेस्ट फॉर परमिशन फॉर मेकिंग पेटेंट एप्लीकेशन आउटसाइड इंडिया शैल बी मेड इन फॉर्म 25। ठीक है? फिर देखो। फिर यहां पर इसने लिखा हुआ था कि जब भी आप परमिशन मांगोगे तो कंट्रोलर डिस्पोज कर देगा आपकी रिक्वेस्ट को। डिस्पोज करने का मतलब मैंने क्या बताया था कि आइदर ही विल गिव द परमिशन और ही विल नॉट गिव द परमिशन। डिस्पोज डज़ नेवर मीन कि इट विल बी ग्रांटेड द परमिशन। तो, क्या लिखा है? द कंट्रोलर शैल डिस्पोज ऑफ़ द रिक्वेस्ट मेड अंडर अ सब रूल वन विद इन अ पीरियड ऑफ़ 21 डेज फ्रॉम द डेट ऑफ़ फाइलिंग सच रिक्वेस्ट। अब यहां पर सच रिक्वेस्ट क्या है? बताओ गाइस फॉर्म 25 रिक्वेस्ट परमिशन फॉर्म 25 लाइसेंस ठीक है तो जब भी आपने फॉर्म 25 फाइल किया है उससे 21 दिन के अंदर-अंदर आपको हां या ना में जवाब मिल जाएगा। ठीक है? हम अब देखो मजेदार चीज क्या लिखी है। प्रोवाइडेड दैट इन केस ऑफ स्प ट्रू फॉल्स आया था। लगभग 2020 ही इसमें आया है। ठीक है? ये जो बहुत ही माइन्यूट सी चीजें होते हैं उनको पकड़ के क्वेश्चंस बनाते हैं। फिर क्या बोल रहा है? प्रोवाइडेड दैट हां छोड़ो। यह बोल रहा है कि फॉर इन्वेंशंस रिलेटिंग टू डिफेंस और एटॉमिक पर्पज। अब यह 21 दिन की जो गिनती है ना, वह तब से काउंट होगी जब आप अह फ्रॉम द डेट ऑफ रिसीप्ट ऑफ कंसेंट फ्रॉम द गवर्नमेंट। जब गवर्नमेंट से कंसेंट आ जाएगा। ठीक है? जैसे आपने मान लो फॉर्म 25 फाइल किया। तो आपकी इन्वेंशन नॉर्मल थी। एक मोबाइल फोन से रिलेटेड थी। एक कुछ भी एग्जांपल ले लो। एआई से रिलेटेड इन्वेंशन थी। एनीथिंग तो आपको 21 डेज के अंदर परमिशन का जवाब आ जाएगा। बट अगर सिक्रेसी डायरेक्शन वाली है एटॉमिक और डिफेंस एनर्जी से रिलेटेड है तो वह किससे पूछेगा? कंट्रोलर किस किसके पास जाएगा? गवर्नमेंट से पूछेगा ना। गवर्नमेंट ही तो बताती है यह बात कि इस पे सिक्रेसी डायरेक्शन लगाना चाहिए या नहीं। गवर्नमेंट ही तो रिव्यू करती है कि अब सिक्रेसी डायरेक्शन हटा देना चाहिए या नहीं? तो गवर्नमेंट से पूछेगी। फिर गवर्नमेंट कंट्रोलर को रिप्लाई करेगी कि हां इस पे सीक्रेसी डायरेक्शन लगाना है या नहीं लगाना है। तो जिस दिन गवर्नमेंट रिप्लाई करेगी कंट्रोलर को उस दिन से 21 दिन काउंट करने हैं। ठीक है? गॉट इट? सो दिस वाज़ द रूल रिलेटेड टू दिस फॉरेन फाइलिंग लाइसेंस। और एक रूल और है जो कि सिक्रेसी डायरेक्शन से रिलेटेड है। कम्युनिकेशन ऑफ रिजल्ट ऑफ रिकंसीडरेशन अंडर सेक्शन 362। तो किस चीज के रिकंसीडरेशन की बात हो रही है? 362 में बताओ। ऐसे ही बताओ। मतलब एक्ट पढ़े बिना ही बता दो। यही कि वो रिकंसीडर जो उन्होंने किया है वो एप्लीेंट को बताएंगे। हां मतलब कि सिक्रेसी डायरेक्शन रखना है या हटाना है। ठीक है? तो यह जो रिकंसीडरेशन हो रहा है सब सेक्शन वन ऑफ़ 36 में शैल बी कम्युनिकेटेड टू द एपिकेंट फॉर पेटेंट विद इन 15 डज़ ऑफ़ द रिसीट ऑफ़ द नोटिस बाय द कंट्रोलर। ठीक है? जब भी कंट्रोलर आपको यह बताएगा तो उसके 15 दिन के अंदर कोई भी रिकंसीडरेशन अगर उन्होंने किया है तो आपको बता दिया जाएगा विद इन 15 डेज। ठीक है? उसके बाद बोल रहा है जैसे मैंने अभी यह बोला था ना सेक्शन 38 में कि आपको एक्सटेंशन मिलता है टाइम का जो काम आप नहीं कर पाए हो उस पीरियड में। सपोज आप किसी ने यह अपोजिशन वगैरह फाइल कर दिया है बाद में जब पब्लिश हुआ है सीक्रेसी डायरेक्शन हटने के बाद तो यार अपोजिशन का टाइम तो चला गया क्योंकि अपोजिशन का रिप्लाई करने का टाइम तो 2 महीने ही होता है। ठीक है? जब लड़ाईयां होती हैं कि अपोनेंट अपना रिप्लाई देगा। आपको 2 महीने के अंदर रिप्लाई करना है। नहीं तो अबंडन हो जाएगा। तो ये सारी जब डेडलाइंस मिस हो गई थी सेक्शन 38 में उसने यही बोला है। तो कितना टाइम आपको एक्स्ट्रा मिलता है? एक्सटेंड करता है ना टाइम तो बोल रहा है एक्सटेंशन ऑफ़ टाइम ऑन रेवोकेशन ऑफ़ सिक्रेसी डायरेक्शन अंडर सेक्शन 38 ये है रूल 72 तो बोल रहा है द एक्सटेंशन ऑफ़ टाइम टू बी गिवन फॉर डूइंग एनीथिंग रिक्वायर्ड और ऑथराइज़ टू बी डन अंडर सेक्शन 38 शैल नॉट एक्सीड द पीरियड फॉर व्हिच द डायरेक्शंस गिवेन बाय द सेंट्रल गवर्नमेंट अंडर सब सेक्शन वन ऑफ़ सेक्शन 35 वर इनपोज़्ड। ठीक है? बहुत ही सिंपल सी बात है यह कि जितने भी टाइम के लिए सिक्रेसी डायरेक्शन लगा था, उतने ही टाइम का एक्सटेंशन आपको मिलेगा। अगर आपको 2 साल का सिक्रेसी डायरेक्शन लगा था तो आपको 2 साल का एक्स्ट्रा टाइम मिलेगा। आपका 2 महीने का सिक्रेसी डायरेक्शन था तो कोई भी काम करने के लिए जो भी डेडलाइंस है उससे एक्स्ट्रा 2 मंथ्स का टाइम आपको मिल जाएगा। ठीक है? बस यह याद रखना है कि जितने टाइम के लिए सिक्रेसी डायरेक्शन लगा था उतना ही टाइम मिलेगा। क्या लिखा है? फॉर डूइंग एनीथिंग शैल नॉट एक्सीड द पीरियड फॉर व्हिच डायरेक्शंस गिवेन बाय द गवर्नमेंट अंडर सेक्शन 35 वर इनफोर्स। उस टाइम से ज्यादा टाइम नहीं मिलेगा जितने टाइम के लिए आपके ऊपर सिक्रेसी डायरेक्शन सेक्शन 35 के अंदर लगा हुआ था। अब तो धीरे-धीरे आप लोग भी एक्ट की लैंग्वेज समझने लगेगे। आई होप सो। इसमें इस सीक्रेसी डायरेक्शन में तो ये नहीं था कि जब वो हटता है फिर आपको सिक्स मंथ्स मिलते हैं। जब वो हटता है तब आपको सिक्स मंथ्स मिलते हैं। किस केस में? क्या करने के लिए? मतलब फदर प्रोसीडिंग के लिए किसी की डायरेक्शन थी तो फिर वो कुछ आगे नहीं कर पा रहे थे एप्लीकेशन को प्रोसीड। ठीक है तो इसमें तो सिक्स मंथ्स का टाइम नहीं होता। यार वो सिक्स मंथ्स हमने किसी और चीज के लिए पढ़ा है। आई गेस इस केस में तो वो ये बोल रहा है कि जो भी आपको एक्सटेंशन ऑफ टाइम मिलेगा जब रिवोकेट हो जाएगा सीक्रेसी डायरेक्शन तो जितने टाइम के लिए सीक्रेसी डायरेक्शन लगा था उतना ही टाइम आपको एक्स्ट्रा मिलेगा।