Tesla’s scalar waves: Faster than light claim! #tesla #physics #sciencefacts #scifi #einstein

Channel: Sufiyan Alam Published: 2025-12-11 414 words Source: auto_caption_hi
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तो टेस्ला ने कभी आइंस्टाइन की थ्योरीज पर यकीन ही नहीं किया था। यकीन मेरे भाई टेस्ला ने आइंस्टाइन की थ्योरीज की धज्जियां उड़ा दी थी। इनफैक्ट अपने 79 बर्थडे पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी को जलील करते हुए कहा था आइंस्टाइन की थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी ऐसी है मानो किसी ने भिखारी को बादशाह के कपड़े पहना दिए हो। पर भाई टेस्ला को आइंस्टाइन की थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी से दिक्कत क्या थी? यही कि उसका मानना था कि स्पीड ऑफ लाइट के बैरियर को तोड़ा जा सकता है। उसने ऐसा कर दिखाया था कि क्लेम भी किया था। इनफैक्ट जब वो मैक्सवेल से मिला था तो उसने उसको कहा था मैक्सवेल तुम एक बहुत अच्छे मैथमेटिशियन हो जो फिजिक्स में जादूगर बनना चाह रहा है। टेस्ला मेरी इक्वेशंस ये साबित कर चुकी है कि लाइट को चलने के लिए किसी मीडियम की जरूरत नहीं है। और हर्ट्स ने रेडियो वेव से ये बात जग जाहिर कर दी है। बेवकूफ है वो लोग। बेवकूफ है वो लोग जो सोचते हैं कि रेडियो वेव एक अच्छा तरीका है इनफार्मेशन भेजने का। और और हर्ट्स ने अभी तक दुनिया का सिर्फ एक पहलू देखा है। क्योंकि जिस ईएम वेव्स की बात आइंस्टाइन और मैक्सवेल कर रहे थे वो कुछ ऐसी दिखती थी। करेक्ट जहां ऑसिलेशंस मोशन के डायरेक्शन के परपेंडिकुलर चलती है। और मैं बात कर रहा हूं [संगीत] ईथर में धक्के की। जैसे जैसे आवाज चलती है हवा में द मोस्ट द मोस्ट एफिसिएट मेथड। बिलकुल इस तरह। क्योंकि Tesla कहता था कि हम हाई वोल्टेज का इस्तेमाल करके ऐसी ईएम वेव्स बना सकते हैं जहां वाइब्रेशन मोशन के डायरेक्शन में होगी। और शायद अगर टेस्ला बैंककरप्ट नहीं किया जाता तो शायद बन जाती वायरलेस इलेक्ट्रिसिटी सिस्टम। शायद हो जाता इंस्टेंट इनफेशन ट्रांसमिशन और शायद बन जाते फ्लाइंग सॉसर्स। और बर्बाद हो जाती बड़ी-बड़ी इंडस्ट्रीज जो इसी लिमिटेशन पे चलती है। पर यार 1919 में तो आइंस्टाइन सही साबित हो गया था। आइंस्टाइन इज राइट टेस्ला। लॉस ऑफ़ हेवन हेव चेंज फॉर एवर। एक्चुअली ये नहीं हो सकता मैथ। मैक्सवेल हम यह स्पीड ऑफ़ फ्लाइट के बैरियर को तोड़ सकते हैं मैक्सवेल। मैक्सवेल ट्रस्ट मी, मैक्सवेल। अब Tesla कुछ भी माने, यार। आइंस्टाइन सही साबित हो गया था। पर कुछ सवालों के जवाब तो आइंस्टाइन के पास भी नहीं थे। मिस्टर [संगीत] आइंस्टाइन, क्वांटम एंडगलमेंट तो ये साबित करती है कि इनफार्मेशन स्पीड ऑफ लाइट से तेज जाती है। आर यू टॉकिंग अबाउट दिस स्पीकी एक्शन एट अ डिस्टेंस? छोड़ो ये सब बातें।