Scalar Product (Dot Product) | National Book Foundation | NBF | Class 11th Physics CH No 02

Channel: SLOs Academy Published: 2024-07-08 5,924 words Source: auto_caption_hi

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अस्सलाम वालेकुम स्टूडेंट्स वेलकम बैक टू माय youtube's अकेडमी आई एम योर फिजिक्स टीचर एंड टुडे वी आर गोइंग टू डिस्कस अबाउट 11th क्लास फिजिक्स चैप्टर नंबर टू दैट इज वेक्टर्स बच्चों आज का टॉपिक है हमारा स्केलर प्रोडक्ट और डॉट प्रोडक्ट टॉपिक स्टार्ट करने से पहले हम ये डिस्कस कर लेते हैं कि प्रोडक्ट क्या होता है अब अगर हम आम जिंदगी की बात करें तो प्रोडक्ट का क्या मतलब है जब हम दो चीजों को मल्टीप्लाई करते हैं और उनसे जो आंसर आता है उसे हम कहते हैं यह हमारा प्रोडक्ट है फॉर एग्जांपल अगर हम टू को थ्री से मल्टीप्लाई कर रहे हैं और आंसर आता है सिक्स तो क्या हुआ हमारा प्रोडक्ट हुआ इसी तरह से जैसे हम स्केलर क्वांटिटी को मल्टीप्लाई करके प्रोडक्ट फाइंड करते हैं इसी तरह हम वेक्टर्स को मल्टीप्लाई करके भी उनका प्रोडक्ट ले सकते हैं लेकिन उसका मेथड थोड़ा सा डिफरेंट है तो आज हम डिस्कस करने जा रहे हैं कि प्रोडक्ट ऑफ वेक्टर क्या होता है और उसमें उसकी एक टाइप डिस्कस करेंगे स्केलर प्रोडक्ट तो स्टार्ट करते हैं प्रोडक्ट ऑफ वेक्टर्स व्हेन टू वेक्टर क्वांटिटीज आर मल्टीप्लाइज देन प्रोडक्ट मे बी स्केलर क्वांटिटी और अ वेक्टर क्वांटिटी जब हम दो वेक्टर्स को या दो वेक्टर क्वांटिटीज को आपस में मल्टीप्लाई करते हैं तो रिजल्टेंट जो है हमारे पास स्केलर क्वांटिटी भी हो सकता है और वेक्टर क्वांटिटी भी हो सकता है सही है अब यह किस चीज पे डिपेंड करता है यह डिपेंड करता है इट डिपेंड्स ऑन द नेचर ऑफ अ गिवन वेक्टर अब यह वेक्टर्स की नेचर पे डिपेंड करता है वेक्टर किस टाइप के हमने लिए हैं ये इस चीज़ पे डिपेंड करता है कि जो हमारा प्रोडक्ट है वह स्केलर होगा या फिर वेक्टर होगा स्केलर प्रोडक्ट तब आता है जब हमारे पास रिजल्टेंट स्केलर क्वांटिटी आए यानी कि हम दो वेक्टर्स को मल्टीप्लाई करें और स्केलर क्वांटिटी ऑब्टेन हो तो इसका मतलब है यह हमारा कौन सा प्रोडक्ट होगा स्केलर प्रोडक्ट होगा ऑन दी अदर हैंड वेक्टर प्रोडक्ट तब आता है जब हम दो वेक्टर्स को मल्टीप्लाई करें और आंसर क्या आए एक वेक्टर क्वांटिटी आए तो ये दो टाइप्स हैं इस प्रोडक्ट की अब यहां पर एक सवाल पैदा होता है कि हमने वेक्टर्स पढ़ लिए थे अब हम इनका प्रोडक्ट क्यों ले रहे हैं मतलब आखिर हमें क्या ऐसी जरूरत पेश आई कि हमें इनका प्रोडक्ट लेना पड़ा तो इस चीज का जवाब मैं इस तरह से करूंगी कि इसकी दो रीजंस हैं हमें दो तरह की इंफॉर्मेशन चाहिए होती है वेक्टर से जिसके लिए हमें प्रोडक्ट लेना पड़ता है और हमारे प्रोडक्ट जो हैं वो है भी टू टाइप्स के तो दोनों जो हैं वो अलग-अलग इंफॉर्मेशन प्रोवाइड करेंगे एक प्रोडक्ट हमें एक टाइप की इंफॉर्मेशन देता है दूसरा प्रोडक्ट दूसरे टाइप की यानी कि स्केलर प्रोडक्ट हमें एक चीज की इंफॉर्मेशन देता है वेक्टर प्रोडक्ट दूसरी चीज की इंफॉर्मेशन देता है तो अब वो दो चीजें कौन सी हैं पहली है हमारे पास सिमिलरिटी और अलाइन मेंट और दूसरी है परपेंडिकुलेरिटी अब इसको देखते हैं सिमिलरिटी और अलाइन मेंट का क्या मतलब है सिमिलरिटी और अलाइन मेंट का मतलब है कि फॉर एग्जांपल हमारे पास दो वेक्टर्स हैं एक वेक्टर a है और एक b है अब a और b कौन सा ऐसा पॉइंट है जहां पर जाकर एक ही डायरेक्शन में सेम डायरेक्शन में अलाइन हो रहे हैं यानी एक ही डायरेक्शन में जा रहे हैं वो पॉइंट जहां पर दोनों वेक्टर सेम डायरेक्शन में हो उसे हम कहते हैं वो अलाइन मेंट है या फिर सिमिलरिटी है यानी उनके दरमियान सिमिलरिटी आ गई दोनों वेक्टर्स एक ही डायरेक्शन में हो गए तो इस चीज की इंफॉर्मेशन हमें देता है स्केलर प्रोडक्ट उसके बाद है हमारे पास परपेंडिकुलेरिटी अगर हमें वेक्टर्स की परपेंडिकुलेरिटी चेक करनी है परपेंडिकुलेरिटी चेक करने का मतलब है कि दो वेक्टर जो हैं वो कौन से पॉइंट पर कौन सी जगह पर परपेंडिकुलर है एट द सेम टाइम यानी कि दोनों वेक्टर्स किसी ऐसी जगह पर एट द सेम टाइम परपेंडिकुलर हो वो जो पॉइंट है वो जो जगह है वो जो वेक्टर है वो उनका परपेंडिकुलर वेक्टर होगा अब इस चीज को आप इस तरह से समझे कि यहां पर अगर आप देखें सिमिलरिटी के लिए सिमिलरिटी के लिए इस तरह से है कि फॉर एग्जांपल हमारे पास ये एक सर्कल है जिसको मैंने नाम दे दिया ए वेक्टर का ठीक है ये अभी फिलहाल वैसे ही है इसको डायग्राम से भी समझेंगे लेकिन फिलहाल आप यहां पे देखें कि एक सर्कल है इसको हमने a वेक्टर का नाम दे दिया है ये दूसरा सर्कल है इसे हमने b वेक्टर का नाम दे दिया है अब ये जो सर्कल है ये आपस में आप दरमियान में देख सकते हैं ओवरलैप कर रहे हैं तो ये आपने मैथ्स में पढ़ा था इस तरह के ओवरलैपिंग वाले क्वेश्चन से जहां पर अगर दो सर्कल दरमियान में जॉइन हो रहे हो आपस में एक दूसरे के ऊपर ओवरलैप कर रहे हैं उसे हम ओवरलैपिंग रीजन कहते हैं तो जिसे मैंने ये रेड से शेड किया हुआ है ओवरलैप कर ें तो अब सिमिलरिटी इनमें किस तरह से है कि कौन सा ऐसा पॉइंट है जहां पर ये दोनों एड द सेम टाइम लाय कर रहे हैं अगर आप दरमियान वाले रीजन को देखें दरमियान वाला रीजन जो है स्पेस का जो री है प्लेन का जो रीजन है यहां पर a का भी थोड़ा सा पोर्शन जो है ये लाय कर रहा है और ये बी वाले का भी जो है ना ये वाला पोर्शन आ रहा है तो एट द सेम टाइम दोनों लाय कर रहे हैं तो ये इनमें क्या है ये इनमें सिमिलरिटी है अब इस चीज को आप वेक्टर की एग्जांपल से अगर समझे तो लेट्स सपोज हमारे पास ये एक ए वेक्टर है ये एक b वेक्टर है अब इनमें सिमिलरिटी कैसे हम चेक कर सकते हैं इनमें सिमिलरिटी चेक करने के लिए बच्चों इस तरह से है कि आपने ना इस वेक्टर की a वेक्टर की टॉप से एक परपेंडिकुलर ड्रा कर लेना है जो कि b पे आके फॉल करे सही है परपेंडिकुलर आपको पता है एक स्ट्रेट लाइन है जो यहां टॉप से आप ड्रॉ करेंगे और यहां नीचे b को आके टच करेगी अब ये जो परपेंडिकुलर आपने ड्रॉ किया है ये जो सीधी लाइन ड्रॉ की है इसका क्या मतलब है कि आपने a वेक्टर को रिजॉल्व कर दिया है उसके कंपोनेंट्स के अंदर किस तरह से रिजॉल्व कर दिया है ये जो सीधी लाइन हमने ड्रा की है ये इस a वेक्टर का परपेंडिकुलर कंपोनेंट है यानी कि a सा थीटा है और ये जो नीचे है हमारे पास नीचे बन रहा है ये क्या है ये हमारे पास इसका हॉरिजॉन्टल कंपोनेंट है यानी कि x कंपोनेंट है a वेक्टर का अब क्या हुआ ये हमारे पास a सा थीटा बन गया ये हमारे पास a को थीटा बन गया इन दोनों वेक्टर्स के दरमियान जो एंगल है वो थीटा है सही है वो यहां पर आ रहा है थीटा अब अगर आप इस x कंपोनेंट या हॉरिजॉन्टल कंपोनेंट को गौर से देखें तो ये क्या है ये a का कोई ऐसा कंपोनेंट है जो b के ऊपर लाय कर रहा है क्योंकि ये b वेक्टर था ना तो ये a का जो a को थीटा वाला कंपोनेंट है ये b के ऊपर लाय कर रहा है यानी ये b के ऊपर अलाइन हो रहा है दूसरे लफ्जों में ये एट द सेम टाइम एक ही जगह पर दोनों वेक्टर्स लाय कर रहे हैं जिस तरह से यहां पर था कि एक ही स्पेस को दोनों सर्कल्स के थोड़ा-थोड़ा हिस्सा घेरे हुए थे इसी तरह एट द सेम टाइम यहां पर b वेक्टर के ऊपर a वेक्टर का कुछ हिस्सा आ रहा है जो यहां तक मैंने मेंशन किया हुआ है यहां तक a कोस थीटा आ रहा है जो कि उसका प्रोजेक्शन है तो अब ये क्या हुआ अब इसका मतलब हुआ कि ये इनमें सिमिलरिटी को बता रहा है जो a कोस थीटा है तो ये a कोस थीटा जो है ये हमारे पास स्केलर प्रोडक्ट में इवॉल्व होता है इसलिए हम कहते हैं कि स्केलर प्रोडक्ट हमें सिमिलरिटी या अलाइन मेंट के बारे में इंफॉर्मेशन देता है अब अगर परपेंडिकुलेरिटी की बात करें तो पोलैरिटी का मतलब ये है कि फॉर एग्जांपल ये देखिए यहां पर हमारे पास a वेक्टर है ये b वेक्टर है अब ये दोनों वेक्टर्स हैं ये दोनों वेक्टर्स किसी तीसरे ऐसे वेक्टर्स को हमने तलाश करना है जिसके ये दोनों वेक्टर परपेंडिकुलर हो यानी ये दोनों उसके परपेंडिकुलर हो तो अब ये किस तरह से है अगर आप अपना कोऑर्डिनेट सिस्टम याद करें तो उसमें क्या होता था हमारे पास एक एक्स एक्सिस होता था एक यहां पर और यहां पर y एक्सिस होता था और तीसरा जो z एक्सिस था वो उन दोनों के परपेंडिकुलर होता है तो इसी तरह से अगर ये a है एक b है तो तीसरा यहां पर मैंने ये टेढ़ा करके लगाया है क्योंकि प्लेन में हम इसे शो नहीं कर सकते स्पेस में यह ऐसे आगे की तरफ बाहर की तरफ निकला होगा आप की तरफ पॉइंट ंग आउटवर्क होगा यह तो यह क्या करेगा ये 90 का एंगल बना रहा है इन दोनों के साथ तो ये हमें अगर परपेंडिकुलेरिटी की इंफॉर्मेशन चाहिए तो उसके लिए हम कौन सा प्रोडक्ट यूज़ करते हैं वेक्टर प्रोडक्ट तो ये है इन प्रोडक्ट को लेने का मकसद जिसके लिए हम प्रोडक्ट ले रहे हैं वेक्टर का सही है अब ये कितने टाइप्स के होते हैं ये मैंने पहले आपको बता दिया देयर आर टू टाइप्स ऑफ प्रोडक्ट स्केलर और डॉट प्रोडक्ट वेक्टर और क्रॉस प्रोडक्ट तो अब स्केलर और वेक्टर तो आपको समझ आ गई कि इन्हें स्केलर और वेक्टर क्यों कहते हैं मतलब अगर हम दो वेक्टर क्वांटिटीज को मल्टीप्लाई करें और हमें स्केलर क्वांटिटी ऑब्टेन हो तो हम उस प्रोडक्ट को स्केलर प्रोडक्ट कहते हैं और अगर दो वेक्टर क्वांटिटीज को मल्टीप्लाई करें और हमें वेक्टर क्वांटिटी ऑब्टेन हो तो उसे हम वेक्टर प्रोडक्ट कहते हैं अब इनके ये दूसरे दूसरे जो नाम है ना डॉट प्रोडक्ट और क्रॉस प्रोडक्ट ये इनकी रिप्रेजेंटेशंस की बेस पे हैं तो ये हम आगे जाके डिस्कस करेंगे चल जी आप स्केलर प्रोडक्ट को देखते हैं सबसे पहले इसकी डेफिनेशन है हमारे पास व्हेन द प्रोडक्ट ऑफ टू वेक्टर क्वांटिटीज गिव्स अस स्केलर क्वांटिटी देन द प्रोडक्ट इज कॉल्ड स्केलर प्रोडक्ट तो जैसे मैंने आपको बताया कि जब दो वेक्टर क्वांटिटीज आपस में मल्टीप्लाई हो रही हो और हमें आंसर मिल रहा हो स्केलर क्वांटिटी तो उस प्रोडक्ट को हम क्या कहते हैं स्केलर प्रोडक्ट कहते हैं अब इसकी एक और डेफिनेशन भी है जो भी आपको इनमें से आसान लगे वो आप याद कर सकते हैं वैसे ये वाली ज्यादा ऑथेंटिक है अगर मैं तो यही कहूंगी कि ये वाली ही तैयार करें द प्रोडक्ट ऑफ मैग्नी ूडल वेक्टर विद द कंपोनेंट ऑफ अदर वेक्टर इन द डायरेक्शन ऑफ फर्स्ट वेक्टर अच्छा अ प्रोडक्ट ऑफ़ मैग्नी ड ऑफ़ आइर वेक्टर किसी भी वेक्टर का जो मैग्नी वो किसके साथ प्रोडक्ट हो रहा है मल्टीप्लाई हो रहा है विद द कंपोनेंट ऑफ अदर वेक्टर इन द डायरेक्शन ऑफ फर्स्ट वेक्टर यानी कि एक वेक्टर है हमारे पास a फॉर एग्जांपल जैसे यहां पर एक वेक्टर है a और दूसरा है हमारे पास b अब प्रोडक्ट किस-किस चीज का है a वेक्टर का प्रोडक्ट है किस चीज के साथ दूसरा क्या है हमारे पास कंपोनेंट ऑफ अदर वेक्टर दूसरे वेक्टर का कंपोनेंट यानी कि एक दूसरा वेक्टर हमारे पास b है इसका कंपोनेंट अब कंपोनेंट कौन से वाला लेना है कंपोनेंट ऑफ अदर वेक्टर इन द डायरेक्शन ऑफ फर्स्ट वेक्टर फर्स्ट वेक्टर कौन सा था a था तो अब b का वो वाला कंपोनेंट जो a की डायरेक्शन में हमारे पास आ रहा है उसका और a का हम अगर प्रोडक्ट लें तो ये हमारे पास क्या होगा स्केलर प्रोडक्ट होगा अब b वाला वो वाला कंपोनेंट कौन सा है तो वो इस तरह से है जैसे मैंने पहले आपको बताया कि जब आप टॉप से परपेंडिकुलर नीचे ड्रा करते हैं तो ये कौन सा बनता है b कोस थीटा अब ये b कोस थीटा क्या है ये वो वाला कंपोनेंट है b वेक्टर का जो a यानी कि फर्स्ट वेक्टर की डायरेक्शन में है तो अब b कोस थीटा और अगर a को हम मल्टीप्लाई करें तो हमारे पास स्केलर प्रोडक्ट आता है इसे हम आगे डिटेल से डिस्कस करते हैं फिलहाल हम पहले रिप्रेजेंटेशन देख ले लेते हैं तो स्केलर प्रोडक्ट को किस तरह से रिप्रेजेंट करते हैं इट इज डिनोटेड एज a b a वेक्टर है डॉट b वेक्टर है तो ये वो रीज़न है ये जो डॉट है ये रीजन है जो इसका नाम पड़ गया डॉट प्रोडक्ट क्योंकि हम इसे रिप्रेजेंट करते हुए a ड b लिखते हैं अब जैसे प्रोडक्ट है तो आपको पता है प्रोडक्ट का मतलब है मल्टीप्लाई होना तो डॉट भी मल्टीप्लिकेशन को शो करता है क्रॉस भी मल्टीप्लिकेशन को शो करता है लेकिन हमने यहां पर डॉट यूज़ किया तो इसलिए इसका नाम रख दिया स्केलर प्रोडक्ट और डॉट प्रोडक्ट दैट इज व्हाई इट इज आल्सो कॉल्ड एज डॉट प्रोडक्ट अब मैथमेटिकली अगर इसको देखें तो a b = ए क थीटा तो अब जैसे हमने इस डेफिनेशन में पढ़ा कि क्या होगा प्रोडक्ट ऑफ मैग्नी ट्यूड ऑफ आइर वेक्टर किसी भी एक वेक्टर का मैग्नी ट्यूड ले लेना है किसी भी एक वेक्टर का हमने क्या किया मैग्नी ूडल और किसका लिया a का ले लिया अब a एक एक वेक्टर था हमारे पास यहां पर उसका मैग्नी ट्यूड हमने यहां पर ले लिया उसके बाद क्या है हमारे पास विद द कंपोनेंट ऑफ अदर वेक्टर इन द डायरेक्शन ऑफ फर्स्ट वेक्टर तो वो वाला कंपोनेंट लेना है जो उस ए वेक्टर की डायरेक्शन में हो तो वो हमारे पास कौन सा है b कोस थीटा है जो कि एक ही डायरेक्शन में है और ये इसका कंपोनेंट भी है तो क्या करेंगे हम a और b को थीटा को ले लेंगे जैसे हमने डेफिनेशन में पढ़ा अब क्या द स्केलर प्रोडक्ट ऑफ़ टू वेक्टर इज ऑब्टेंड बाय मल्टीप्लाइंग देयर मैग्निटिया फिर दूसरे लफ्जों में हम ये भी कह सकते हैं कि हमने क्या किया है द स्केलर प्रोडक्ट ऑफ़ टू वेक्टर इज ऑब्टेंड बाय मल्टीप्लाइंग देयर मैग्निटिया में मल्टीप्लाई किया विद कोइन ऑफ एंगल बिटवीन देम और कोइन ऑफ एंगल जो भी एंगल है उसका कोइन लेके यानी हमारे पास यहां कौन सा एंगल था थीटा था तो को थीटा को भी उनके मैग्नी ूडल मल्टीप्लाई कर दिया तो तो जब हम इन तीनों चीजों को इकट्ठा मल्टीप्लाई करेंगे तो ये हमारे पास मैथमेटिकल रिप्रेजेंटेशन बन जाएगी स्केलर या डॉट प्रोडक्ट अब इसको इस तरह से देखें कि a . b = a और b कस थीटा अलग से ब्रैकेट में लिख दिया अब a . b = a और b कस थीटा का क्या मतलब है कंपोनेंट ऑफ b अलोंग a ये हम अब डिस्कस कर चुके हैं कि किस तरह से ये b अलोंग ए है क्योंकि मैंने आपको बताया कि जब b को हम रिजॉल्व करेंगे तो यहां पर क्या आएगा उसका परपेंडिकुलर बनेगा और परपेंडिकुलर ये वाली जो लाइन है ये उसका वर्टिकल कंपोनेंट है ये उसका हॉरिजॉन्टल कंपोनेंट है नीचे वाली जो लाइन है तो जब हमने अलोंग द हमारा फर्स्ट वेक्टर लेना है तो अलोंग द फर्स्ट वेक्टर क्या है a है तो a के अलोंग कौन सा पार्ट आ रहा है b कोस थीटा आ रहा है तो वही यहां पर लिख दिया b कोस थीटा क्या है कंपोनेंट ऑफ b अलोंग a अब हम इसकी कुछ एग्जांपल्स देख लेते हैं स्केलर प्रोडक्ट की तो सबसे पहले है हमारे पास वर्क वर्क जो है वो एक स्केलर प्रोडक्ट है और वो इस तरह से स्केलर प्रोडक्ट है क्योंकि वो दो वेक्टर्स को मल्टीप्लाई करके ऑब्टेन होता है लेकिन जो वर्क खुद है वो एक स्केलर क्वांटिटी है दो वेक्टर्स मल्टीप्लाई हो रहे हैं और हमें एक स्केलर क्वांटिटी मिल रही है इसलिए हम इसे क्या कह रहे हैं स्केलर प्रोडक्ट कह रहे हैं तो हमें पता है क्या होता है w = fd2 हैं तो इनको वेक्टर के सिंबल से रिप्रेजेंट करना है और w = d और f का कौन सा लेना है f ऑफ थीटा तो ये जैसे हमने पीछे डिस्कस किया कि a . b में हम क्या करते थे a एक वेक्टर वैसे ही ले लेना है कोई भी एक वेक्टर वैसे ही ले लेना है और दूसरे को क्या लेना है दूसरे का वो वाला कंपोनेंट लेना है जो उस फर्स्ट वेक्टर के अलोंग हो तो यहां पर हमने d को वैसे ही उसका मैग्नी ट्यूड ले लिया और f का कौन सा कंपोनेंट लेना है जो d के अलोंग हो तो अगर आप यहां पर देखें तो ये f वेक्टर था ये d वेक्टर था अब अगर हम f का परपेंडिकुलर ड्रा करें नीचे की तरफ तो ये जो जो है ये इसका वो वाला कंपोनेंट है जो d के अलोंग आता है तो इसको हमने ले लिया f क थीटा और ये बन जाता है एंड में मल्टीप्लाई करके fd3 अब यहां पर एक और बात समझने की ये है कि जरूरी नहीं है कि हम d को ही पहले लेते और f का ही हम वो वाला कंपोनेंट लें जो d की डायरेक्शन में हो हम इस तरह से भी कर सकते थे कि f वेक्टर को लिख लेते और d का वो वाला कंपोनेंट लिखते जो f की डायरेक्शन में हो तो उसके लिए हमें क्या करना पड़ता उसके लिए ये करना पड़ता कि d का परपेंडिकुलर f के ऊपर ड्रॉ करते तो वो किस तरह से करते हैं कि d वेक्टर जो है उसकी टॉप से जैसे हम f वेक्टर की टॉप से परप परपेंडिकुलर ड्रा करते हैं d के ऊपर उसी तरह से d वेक्टर की टॉप से जैसे यहां से f वेक्टर के ऊपर परपेंडिकुलर ड्रा करते यहां पर अगर वो जाता तो यह वाला जो वेक्टर होता ये क्या होता कंपोनेंट ऑफ d अलोंग द f d कस थीटा तो इसको हम d कस थीटा का नाम देके यहां d कस थीटा और साथ f और फिर भी आंसर हमारे पास वही आना था एडी क थीटा तो इस तरह से भी कर सकते हैं नेक्स्ट है हमारे पास पावर पावर भी हमारे पास स्केलर प्रोडक्ट है क्योंकि ये भी दो वेक्टर क्वांटिटीज ए फोर्स और वेलोसिटी v को मल्टीप्लाई करने से ऑब्टेन होती है और ये खुद एक स्केलर क्वांटिटी है इसलिए हम इसे ला प्रोडक्ट कहते हैं तो इसमें भी उसी तरह से है कि v वेक्टर जो है हमने वैसे लिख लिया और f का वो वाला कंपोनेंट जो हमारे पास v के अलोंग था f को ऑफ थीटा और ये एंड में मल्टीप्लाई होके f ऑफ थीटा थर्ड एग्जांपल है हमारे पास इलेक्ट्रिक फ्लक्स इलेक्ट्रिक फ्लक्स हमारे पास होता है फ = e . a तो e .

a है तो इसे वैसे ही लिख देंगे e a को थीटा अब नेक्स्ट है हमारे पास प्रॉपर्टीज ऑफ स्केलर प्रोडक्ट अब बच्चों ये जो प्रॉपर्टीज है ये इंपोर्टेंट है क्योंकि अक्सर इनमें से एमसीक्यू भी आ जाता होता है और इसके अलावा इन्हीं को यूज़ करते हुए हमें न्यूमेरिकल्स भी सॉल्व करने हैं तो इनको थोड़ा सा अच्छे से समझ लें फर्स्ट प्रॉपर्टी है हमारे पास कम्यूटर प्रॉपर्टी कम्यूटर प्रॉपर्टी आपने छोटी क्लासेस में भी पढ़ी हुई है कम्युलेटिव प्रॉपर्टी क्या होती है कम्युलेटिव प्रॉपर्टी होती है ए = b या फिर a + b = b + a a - b = b - a यानी जो भी ऑपरेशन इस साइड पे हो रहा है इक्वल के वही वाला इस साइड पे करके अगर आप ऑर्डर चेंज करेंगे उन पोजीशन चेंज करेंगे वेक्टर है या जो भी फिजिकल क्वांटिटी है जो भी चीज है उनका सिर्फ ऑर्डर चेंज करेंगे तो इस पे कोई फर्क नहीं पड़ेगा इसका मतलब ये है कि जो हमारा स्केलर प्रोडक्ट है वो कम्युलेटिव प्रॉपर्टी होल्ड करता है यानी अगर हम हम a.b. a कर रहे हैं दोनों के आंसर सेम आएंगे तो इसको देख लेते हैं किस तरह से सेम आएंगे फॉर एग्जांपल हम पहले a.b. b = a अब हमने किस तरह से पढ़ा था कि फर्स्ट वेक्टर वैसे का वैसे उसका मैग्नी ूड्स ले लेना है a और b का क्या लेना है वो वाला कंपोनेंट जो a के अलोंग है यानी b को थीटा तो a और ये b को थीटा मल्टीप्लाई होके आएंगे ए को थीटा अब अगर हम b . a को करें तो b और b इसलिए पहले क्योंकि ये पहले पहले है हमारे पास b यहां पर तो b का मैग्नी ट्यूड ले लेते हैं और a क्या है a का वो वाला कंपोनेंट जो b के अलोंग है तो वो कौन सा है a को थीटा अब ये हो गया b को थीटा और अगर हम इसे दोबारा इस तरह रिअरेंज करके लिखें तो ए को थीटा इसका मतलब है जब a b हमने किया तब भी हमें abc3 मिला और b a करें तो b a से भी क्या मिलता है abc3 तो ये दोनों इक्वल आ गए इसका मतलब है ये कम्युलेटिव प्रॉपर्टी होल्ड करता है दूसरी प्रॉपर्टी है हमारे पास स्केलर प्रोडक्ट ऑफ टू परपेंडिकुलर वेक्टर्स इज जरो तो सबसे पहले तो आपको ये पता होना चाहिए वेक्टर के परपेंडिकुलर होने का क्या मतलब है परपेंडिकुलर होने का मतलब है कि ये हमारे पास एक a वेक्टर है ये b वेक्टर है अब ये दोनों एक दूसरे के साथ इस इस तरह से जॉइन है कि ये 90 का एंगल बना रहे हैं अगर दो वेक्टर आपस में 90° का एंगल बना रहे हो तो क्या होगा वो दोनों क्या होंगे आपस में परपेंडिकुलर होंगे अब हम इनको देखते हैं कि परपेंडिकुलर वेक्टर का स्केरल प्रोडक्ट किस तरह से जीरो है a b = abc3 अब ये हमें फार्मूला पता है इसमें क्या करना है हमने सिर्फ एंगल पुट करना है और ये देखना है कि किस तरह से ये जीरो आता है तो एज वी नो दैट थीटा = 90° तो a b = ए को 90 अब जो को 90 होता है अगर आप अपने कैलकुलेटर पे कैलकुलेट करके देखेंगे तो ये जीरो होता है वैसे भी ये कुछ वैल्यूज जो हैं वो आप याद रख लें जिस तरह sin90 को 90 को 0 सा 0 इस तरह के जो कुछ वैल्यूज हैं अगर इनको थोड़ा सा रटा लगा लें तो ये आपके लिए आसानी हो जाएगी को 90 क्या होता है अब को 90 0 है तो ये सारा रो मल्टीप्लाई होके a . b 0 हो जाएगा तो जैसे हमने कहा था कि स्केलर प्रोडक्ट ऑफ टू परपेंडिकुलर वेक्टर्स इज ज जीरो इसके बाद हम यूनिट वेक्टर्स को देख लेते हैं यूनिट वेक्टर बच्चों आपको पता है वो वाले वेक्टर्स होते हैं जो हमें किसी भी वेक्टर की डायरेक्शन के बारे में इंफॉर्मेशन देते हैं और इन्हें यूनिट वेक्टर इसलिए कहा जाता है क्योंकि इनका मैग्नी ूडल हम अब यूनिट वेक्टर को देखते हैं यूनिट वेक्टर हमारे पास थ्री टाइप्स के होते हैं i j और k i जो है वो x के अलोंग डायरेक्शन को रिप्रेजेंट करता है j y के अलोंग डायरेक्शन को रिप्रेजेंट करता है और जो k है वो z के अलोंग डायरेक्शन को रिप्रेजेंट करता है तो अब सबसे पहले हम i और j का डॉट प्रोडक्ट देख लेते हैं कि i .

ज क्या आता है i और j आपस में क्या है यहां पर आप डायग्राम से अगर देखें तो i और j एक दूसरे के साथ परपेंडिकुलर हैं क्योंकि ये 90 का एंगल बना रहे हैं जैसे हमारे पास ये दो वेक्टर्स बना रहे थे इसी तरह i और j भी क्या कर रहे हैं 90 का एंगल बना रहे हैं तो ये क्या होए आपस में परपेंडिकुलर है तो यहां पर भी एंगल क्या है 90 है इसलिए i ज को 90 पुट कर दिया को 90 0 होता है अब i का वैल्यू जो जैसे मैंने आपको बताया कि यूनिट वेक्टर है तो वन होगा और j भी वन है क्योंकि यूनिट वेक्टर है दोनों का मैग्निटिया वो भी आपस में 90 का एंगल बना रहे हैं परपेंडिकुलर है क्योंकि ये z एक्सिस है ना तो हमें पता है x y z जो तीनों है आपस में परपेंडिकुलर होते हैं ना इन तीनों में 90 का एंगल होता है तो इन तीनों के जो वो हैं यूनिट वेक्टर्स हैं वो भी आपस में 90 का एंगल बना रहे हैं तो जड k को अगर हम करें तो इसी तरह से j का मैग्नी ट्यूड k का मेग्नीट्यूड कोज 90 है कोज 90 0 हो जाएगा अब ज क्योंकि यूनिट वेक्टर है वन और ये भी वन है तो ये सारा जीरो हो जाएगा इसी तरह से k आ में भी वही होगा कि k है i है ये दोनों के मैग्निटिया क्योंकि k और i भी आपस में परपेंडिकुलर है 90 का एंगल बना रहे हैं इसलिए इनको भी हम 90 लिखेंगे यहां पर और को 90 0 सो k आ भी जीरो हो जाएगा थर्ड प्रॉपर्टी है हमारे पास द स्केलर प्रोडक्ट ऑफ टू पैरेलल वेक्टर्स इज इक्वल टू द प्रोडक्ट ऑफ देयर मैग्नी अब अगर हमारे पास दो वेक्टर आपस में पैरेलल हो तो उनका जो स्केलर प्रोडक्ट है वो क्या कह रहे हैं यहां पर कि इक्वल होगा प्रोडक्ट ऑफ देयर मैग्नी ूड्स के इक्वल होगा तो पैरेलल होने का क्या मतलब है पैरेलल होने का मतलब है कि जो एक वेक्टर एक वेक्टर जिस डायरेक्शन में है अगर दूसरा वेक्टर भी उसी डायरेक्शन में हो तो इसका मतलब है वो दोनों वेक्टर्स आपस में पैरेलल हैं फॉर एग्जांपल हमारे पास यहां पर एक ए वेक्टर है जो इस डायरेक्शन में है दूसरा बी वेक्टर है वो भी इसी डायरेक्शन में है तो ये दोनों के दरमियान कौन सा एंगल बनेगा थीटा क्या बनेगा जीरो डिग्री क्योंकि जब वेक्टर्स पैरेलल होते हैं आपस में तो उनके दरमियान जो एंगल होता है वो जीरो बनता है तो अब इन दोनों का स्केलर प्रोडक्ट निकाल के देखते हैं a b = हमें पता है पहले का मैग्नी ट्यूड दूसरे का मैग्नी ूडल क्या बन रहा है यहां पर रो बन रहा है इनके पैरेलल होने की वजह से तो वो रो पुट कर देंगे ए को 0 अब को 0 क्या होता है को 0 होता है वन ये भी आप कैलकुलेटर से चेक कर सकते हैं तो को 0 1 हो गया ए क्या आएगा ए के साथ वन मल्टीप्लाई होके ए आ जाएगा इसका मतलब है कि जो हमने पढ़ा था वो बात सही है कि द स्केलर प्रोडक्ट ऑफ टू पैरेलल वेक्टर्स इज इक्वल टू द प्रोडक्ट ऑफ देयर मैग्नी ूड्स ओनली फोर्थ प्रॉपर्टी है हमारे पास सेल्फ प्रोडक्ट अब हम देखते हैं कि अगर हम दो वेक्टर्स को आपस में एक दूसरे के साथ मल्टीप्लाई करें तो फिर क्या होता है अब हमारे पास एक वेक्टर है a और दूसरा भी वेक्टर a है क्योंकि हम सेल्फ प्रोडक्ट लेने लगे हैं तो दो एक दोनों एक जैसे वेक्टर ले लिए हैं a . a = a a थीटा अब क्योंकि दोनों एक ही वेक्टर है यानी दोनों एक जैसे वेक्टर है दोनों a हैं तो इसका मतलब है उनकी डायरेक्शन भी सेम होगी मैग्नी ूडल होगा अब डायरेक्शन सेम होगी तो इसका मतलब है वो पैरेलल है जब पैरेलल है तो इसका मतलब है उनका एंगल कौन सा बन रहा है 0° तो अगर एंगल 0° बनेगा तो को 0 क्या होता है वन होता है और a और a क्या हो जाएगा आपस में मल्टीप्लाई होके a स् और यह क्या है ये हमारे पास वन है वन मल्टीप्लाई हो के a स् इसका मतलब क्या हुआ कि द स्केलर प्रोडक्ट ऑफ अ वेक्टर विद इट्स सेल्फ इज इक्वल टू द स्क्वेयर ऑफ इट्स मैग्नी ड तो बच्चों इस तरह की जो चीजें होती है ना इनको जहन में रख लिया करें बाज जफ देखें यहां पर मैंने सिर्फ मैथमेटिकल डिस्कस किया है थ्योरी का पॉइंट नहीं लिखा लेकिन आप इस तरह जहन में रखा करें बाज दफा इसमें से एमसीक्यू बन के आ जाता होता है इस तरह से कि द द स्केलर प्रोडक्ट ऑफ़ अ वेक्टर विद इट सेल्फ इज इक्वल टू तो इस तरह के काफी सारे ऑप्शन होंगे तो क्या आएगा इसका आंसर स्क्वेयर ऑफ इट्स मैग्निटिया इसके बाद यूनिट वेक्टर्स को देख लेते हैं जैसे लास्ट हमने यूनिट वेक्टर को डिस्कस किया कि वो आपस में क्या रिलेशन लाय करते हैं इसी तरह से अगर सेल्फ प्रोडक्ट ले यूनिट वेक्टर का तो तब क्या होता है अगर हम i . आ जड ज केड के करें तो हमारे पास वन आता है सही है तो ये भी आप एमसीक्यू में याद रख लें अक्सर इस तरह की चीजें भी एमसीक्यू में आती हैं अब हम इनको देखते हैं किस तरह से वन आता है तो सबसे पहले i . i चेक कर लेते हैं i . i जब हम करेंगे तो क्या होगा i को थीटा ये दोनों उसके मैग्नी ूडल वेक्टर है तो इसका भी मैग्नी जैसे हैं तो ये पैरेलल होंगे इसलिए जो एंगल है वो हमारे पास क्या होगा 0 डिग्री को 0 वन होता है तो तीनों वन वन मल्टीप्लाई होके i ड आ क्या आ जाएगा वन इसी तरह से जड ज में भी ऐसे ही होगा j ज को थीटा और थीटा को जीरो पुट कर देंगे तीनों वन आ जाएंगे तो जड ज भी वन और इसी तरह से k और के में भी होगा कि एंगल हम जीरो पुट करेंगे और एंड में आंसर क्या आ जाएगा वन आ जाएगा तो इसका मतलब है जो यूनिट वेक्टर है अगर हम उनका स्केलर प्रोडक्ट लें तो वो किसके इक्वल होता है वो वन के इक्वल होता है फिफ्थ प्रॉपर्टी है हमारे पास द स्केलर प्रोडक्ट ऑफ टू एंटी पैरेलल वेक्टर इज नेगेटिव अब अगर वेक्टर्स एंटी पैरेलल हो एंटी पैरेलल होने का क्या मतलब है एंटी पैरेलल होने का मतलब है कि उनकी डायरेक्शन अपोजिट हो बिल्कुल यानी एक अगर ऊपर है तो दूसरा नीचे है एक दाएं तरफ है तो दूसरा बाएं तरफ है जैसे यहां हमारे पास एक a वेक्टर है वो इस डायरेक्शन में है राइट साइड पे और दूसरा कौन सा है लेफ्ट साइड पे है तो क्या है अब इनके दरमियान कौन सा एंगल बनेगा 180 बनेगा जब वेक्टर्स आपस में पैरेलल होते हैं सेम डायरेक्शन में होते हैं तो एंगल बनता है 0° और जब एंटी पैरेलल होते हैं अपोजिट डायरेक्शन में तो एंगल बनता है 180 अब यहां पर हमें एंगल मिल गया 180 हम अपने फार्मूले में पुट करके देखते हैं कि क्या ये ये नेगेटिव आता है तो a b = ए को थीटा ए को थीटा थीटा की जगह आ जाएगा 180° को 180 होता है -1 और ये माइनस मल्टीप्लाई होके आ जाएगा - ए इसका मतलब हुआ द स्केलर प्रोडक्ट ऑफ टू एंटी पैरेलल वेक्टर इज इक्वल टू द नेगेटिव ऑफ द प्रोडक्ट ऑफ द मैग्नी ऑफ दीज वेक्टर्स सिक्सथ प्रॉपर्टी है हमारे पास स्केलर प्रोडक्ट ऑफ वेक्टर्स इन द टर्म ऑफ देयर रेक्टेंगल कंपोनेंट्स अब हम देखते हैं कि अगर वेक्टर के हमें रेक्टेंगल कंपोनेंट्स दिए हो रेक्टेंगल कंपोनेंट हमने रेक्टेंगल कंपोनेंट वाले टॉपिक में पढ़ा था कि क्या होते हैं कि वेक्टर के जो x y और z के अलोंग जो भी कंपोनेंट्स होते हैं उनको हम रेक्टेंगल कंपोनेंट कहते हैं तो अब हमारे पास दो वेक्टर्स हैं a और b इन द फॉर्म ऑफ देयर रेक्टेंगल कंपोनेंट्स a हमारे पास है a एक + a + ए ये आ ज के जो है ये इनकी डायरेक्शन के लिए x के अलोंग आ होता है y के अलोंग जे और z के अलोंग k होता है इसी तरह से b वेक्टर है b एक ब और बज तो ये हमारे पास दो वेक्टर्स हो गए अब अगर हम इनका डॉट प्रोडक्ट लेते हैं a b इल टू तो ये a की वैल्यू लिख दी डॉट b की वैल्यू लिख देनी है अब a ड ब क्या होता है हमारे पास a ड ब हमने पीछे पढ़ा वो होता है ए को थीटा क्योंकि हम फर्स्ट वेक्टर का मैग्नी ूडल कंपोनेंट जो a के अलोंग होता है तो वो हमारे पास होता है b क थीटा इ इक्वल टू अब इनको मल्टीप्लाई करना है तो इनको मल्टीप्लाई किस तरह से करेंगे इनको मल्टीप्लाई करने के लिए बच्चों एक ट्रिक होती है हमारे पास कि जो हमारा x कंपोनेंट होता है उसे हम x के साथ मल्टीप्लाई कर देते हैं या दूसरे लफ्जों में आ जो है उसे आ से मल्टीप्लाई करते हैं जे जो है उसे जे से मल्टीप्लाई कर देते हैं और k जो है उसे k से मल्टीप्लाई कर देते हैं अब जैसे हम नॉर्मली मल्टीप्लाई करते हैं उस तरह की मल्टीप्लिकेशन इसमें नहीं करनी वो क्यों नहीं करनी वो इसलिए नहीं नहीं करनी क्योंकि अगर हम i वाले को पहले i से मल्टीप्लाई करें फिर i वाले को j से और फिर i वाले को k से क्योंकि नॉर्मली हम इसी तरह से करते हैं ना कि i वाले वेक्टर को पहले i से करना चाहिए था आ फिर i वाले को j से करना चाहिए था फिर i वाले को k से तो उससे क्या होता i ड आ का जो आंसर है तो उससे ये होता कि i ड आ का तो आंसर आ जाता क्योंकि हमने अभी पढ़ा कि i ड आ क्या होता है वन होता है अब हम इसकी अभी रिसेंटली एक प्रॉपर्टी पढ़ के आए हैं लेकिन जब हम i ड ज करते तो हम ये पढ़ के आए हैं कि i ड ज क्या होता है वो जीरो होता है वो क्यों जीरो होता है क्योंकि i जो है वो x के अलोंग यूनिट वेक्टर है j जो है वो y के अलोंग यूनिट वेक्टर है अब अगर i x के अलोंग है j y के अलोंग है तो वो दोनों क्या है आपस में परपेंडिकुलर है एंगल 90 का बन रहा है और अगर हम फार्मूले में पुट करेंगे तो को 90 0 हो जाएगा जिसकी वजह से i .

ज क्या हो जाएगा रो हो जाएगा तो ये वाला फैक्टर अगर हम मल्टीप्लाई उस तरह से करके भी देखें तो ये जीरो हो जाएगा इसलिए हम डायरेक्ट ही मल्टीप्लाई करते हैं इसी तरह से i . k करें तो वो भी जीरो हो जाता है तो इसलिए हमने फिर डायरेक्ट ही किया है उसको लिखने की जरूरत नहीं है आप डायरेक्ट ये याद रख लें कि i ड आ करना है जड ज करना है और k . के करना है तो इससे क्या आंसर आएंगे i वाला कंपोनेंट a का कौन सा है a एकएक है a bx8 बज तो ये हमारे पास ये आ गया स्केलर प्रोडक्ट इन द टर्म ऑफ रेक्टेंगल कंपोनेंट इसके बाद हम अगर डायरेक्शन निकालना चाहे तो इसी फार्मूले से हम डायरेक्शन भी निकाल सकते हैं ये जो इक्वेशन है ए को थीटा = a bx8 बज तो यहां से हम ये कहते हैं कि ए जो है ये उठाकर इधर ले जाते हैं और इसे डिवाइड कर देते हैं तो ये हो जाएगा को थीटा = ax8 b z डिड बा ए अब क्या है हमें थीटा चाहिए क्योंकि हमें डायरेक्शन निकालनी है तो हमें यहां पर ये कोज भी नहीं चाहिए इसलिए कोज को भी दूसरी साइड पे ले जाते हैं कोज क्या होगा दूसरी साइड पे जाके इवर्स हो जाएगा तो थीटा = को इवर्स a bx8 b / ए तो ये हमारे पास डायरेक्शन आ गई है ये था बच्चों आज का लेक्चर आई होप आपको समझ आ गया होगा अगर कोई कंफ्यूजन हो तो कमेंट सेक्शन में लाजमी बताइएगा मैं इस पर नेक्स्ट वीडियो बना लूंगी थैंक यू सो मच